
उत्तराखण्ड / देहरादून। गुरुवार को कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला, उन्होंने कहा कि हमारे आने वाली पीढ़ी का भविष्य अंधकार में डालने का काम कर रही है सरकार, पहले तो ये समझना होगा की एनटीए क्या है ये कोई सरकारी एजेंसी नहीं है ये सिर्फ एक एनजीओ है सरकार के द्वारा बनायी गई टेस्टिंग एजेंसी नहीं है, ये 2017 में मोदी सरकार ने बनायी थी बड़ी-बड़ी बातें की थी मोदी सरकार ने पर अबकी बार पेपर लीक सरकार मिली है जनता को 2014 के बाद से केंद्र और राज्य सरकारों में लगभग 89 पेपर्स लीक हुए हैं, जिसमे से लगभग 58 पेपर दुबारा से करवाए गए।
राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि किसने बनायी ये एनटीए, ये एनटीए भाजपा और आरएसएस के कुछ लोगों ने मिलकर बनायी और अपने चहेते लोगों को उसमे रख लिए, जब ये एजेंसी 2017 में बनी तभी इस पर कई सवाल खड़े हुए थे, 2017 से पहले ये एग्जाम सीबीएसई कराया करती थी पर इन लोगो ने जो व्यापम घोटाले वाले हैं जिसमे 60 से ज़्यादा जाने चली गई थी। मध्य प्रदेश का घोटाला तो ये व्यापम पार्ट-02 चल रहा है, 2015 से 2017 तक इन्होंने देखा कि इस तरीक़े से तो हम बैक एंट्री से इन्हें नहीं ले पाएंगे तब जाकर ये षड्यंत्र रचा गया, 2017 में एसएससी का पहल पेपर लीक हुआ ठंड में एसएससी के बाहर बच्चे बैठे थे, फिर एनटीए बनी और इसने 14 पेपर कंडक्ट कराए जिसमे 06 पेपर लीक हुए जो रिपोर्टेड है सामने आए।
आलोक शर्मा ने कहा कि अब समझना ये है कि एनटीए को किसने पॉवर दी, इतनी बड़ी बड़ी परीक्षाएं आयोजित करने की क्या इन्हें एमएचआरडी ने पॉवर दी केंद्र की सरकार ने पॉवर दी किसने पॉवर दी आज तक देश को नहीं पता, 21 में नीट कनपटी आउट 24 में आउट, 26 में आउट और जो लोग सम्मिलित है वो मुख्यतः भाजपा के नेता है जिनका पूरा परिवार पिछले साल सेलेक्ट हुआ है तो तथ्य ये सामने आ रहा है की पिछले साल भी पेपर लीक हुआ है, नीट जैसा एग्जाम जिसमे 24 से 30 लाख बच्चे परीक्षा देते हैं माता-पिता पैसे लगाते हैं, इस बार भी ये पेपर पिछले 15 दिनों से वॉट्स ऐप ग्रुप पर सर्कुलेट हो रहा था कई लोगों ने शिकायत की पर कोई कार्यवाही नहीं हुआ पेपर 03 को हुआ और चार दिन लग गए सच सामने आने में और एनटीए को एक्शन लेने में जबसे एनटीए का गठन हुआ है तबसे ये एजेंसी संदेह के घेरे में रही है उसके बावजूद कोई भी अधिकारी जेल के पीछे नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि नीट परीक्षा को रद्द करते हुए पेपर लीक मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी मे कराई जाय। मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा दें तथा मामले में जेपीसी गठित की जाए, साथ ही 2024 की नीट परीक्षा की भी जांच कराई जाए। पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, शीशपाल सिंह बिष्ट, मनोज सैनी आदि उपस्थित थे।
