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नगर निगम घोटाले में फिर गरमाई सियासत, सुराज सेवा दल का राजस्व परिषद में प्रदर्शन,देखें वीडियो

देहरादून। बहुचर्चित नगर निगम हरिद्वार भूमि खरीद घोटाले को लेकर शुक्रवार को देहरादून स्थित राजस्व परिषद परिसर में सुराज सेवा दल ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने मामले की जांच कर चुके सचिव रणवीर चौहान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये के इस चर्चित प्रकरण में असली जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास किया गया। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने ज्वाइंट सचिव राजस्व परिषद नरेश चंद्र दुर्गापाल को ज्ञापन सौंपकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

सुराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि मई-जून 2025 में सामने आए नगर निगम हरिद्वार भ्रष्टाचार मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। सरकार ने दो आईएएस अधिकारियों पर कार्रवाई कर सख्ती का संदेश दिया, लेकिन राजस्व विभाग के कई जिम्मेदार अधिकारियों को जांच के दायरे से बाहर रखा गया।

रमेश जोशी ने कहा कि हरिद्वार में लंबे समय से तैनात लेखपाल अनुज यादव इस पूरे प्रकरण का मुख्य किरदार है। आरोप लगाया कि संबंधित जमीन से अनुज यादव का सीधा संबंध था और 143 के नोटिस पर स्वयं उसके हस्ताक्षर मौजूद हैं। संगठन ने सवाल उठाया कि बिना किसी टेंडर और सार्वजनिक सूचना के नगर निगम ने आखिर उसी जमीन का चयन क्यों किया, जो एक प्रभावशाली लेखपाल से जुड़ी हुई थी।

संगठन ने आरोप लगाया कि नगर निगम से करोड़ों रुपये का भुगतान होने के बाद अनुज यादव के खाते में भी लाखों रुपये भेजे गए, लेकिन जांच में इस तथ्य को दबा दिया गया।

प्रदर्शन के दौरान क्षेत्रीय कानूनगो रमेश चंद पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। संगठन का कहना है कि रमेश चंद ने कुछ ही घंटों में मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर दी और तत्कालीन तहसीलदार प्रियंका रानी के माध्यम से उसे आगे बढ़ा दिया। रमेश जोशी ने कहा कि रमेश चंद के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी और मारपीट समेत कई मामले दर्ज हैं, इसके बावजूद उसे बचाने का प्रयास किया गया।

सुराज सेवा दल ने तत्कालीन तहसीलदार प्रियंका रानी पर भी सवाल उठाए। संगठन का आरोप है कि कार्रवाई के बजाय उन्हें पदोन्नत कर उपजिलाधिकारी बनाकर बागेश्वर भेज दिया गया।

संगठन ने ग्राम जसवावाला प्रकरण का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां 143 की जांच में फर्जी रिपोर्ट लगाई गई। दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया गया कि संबंधित रिपोर्ट पर क्षेत्रीय लेखपाल के हस्ताक्षर तक नहीं थे और रिपोर्ट तैयार करने वाला अधिकारी उस क्षेत्र का कानूनगो भी नहीं था।

रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि सचिव रणवीर चौहान के संबंधित अधिकारियों से पुराने संबंध रहे हैं, जिसके चलते उन्हें लगातार संरक्षण दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लेखपाल अनुज यादव, कानूनगो रमेश चंद और तत्कालीन तहसीलदार प्रियंका रानी के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो राजस्व परिषद परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

प्रदर्शन में महामंत्री देवेंद्र बिष्ट, जिला अध्यक्ष सुमित अग्रवाल, युवा मोर्चा अध्यक्ष विपिन पपोला, कावेरी जोशी, पूजा बिष्ट, पूजा नेगी, संगीता, अमित अग्रवाल, सागर वर्मा, विजेंद्र, कमल धामी, हिमांशु धामी, इरशाद, शहजाद, नवीन, मेहरबान, कुर्बान, कुणाल, दिव्यांश, इकराम, राजेश थापा, ललित श्रीवास्तव, सतेंद्र, घनश्याम, नितेश, वसीला और शिवम समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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