
हरिद्वार। वसुधैव कुटुंम्बकम् फाउंडेशन (रजि.) द्वारा चंडी घाट स्थित दिव्या प्रेम सेवा मिशन के पीछे आंगन में पाठ्य सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत कक्षा 01 से 08 तक के जरूरतमंद बच्चों को कॉपी, किताबें, पेन, पेंसिल और ज्योमेट्री बॉक्स वितरित किए गए।
गंगा किनारे बसे चंडी घाट क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रवासी और दैनिक मजदूरी करने वाले परिवार निवास करते हैं। आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के चलते यहां कई बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए फाउंडेशन ने स्थानीय स्तर पर सर्वे कर जरूरतमंद बच्चों की पहचान की और उन्हें शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई।
कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों ने फाउंडेशन के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि मजदूरी कर परिवार चलाने के बीच बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना बेहद कठिन हो जाता है। ऐसे में यह सहयोग उनके लिए बड़ी राहत है।
फाउंडेशन की अध्यक्ष रेनू अरोड़ा ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और संस्था का उद्देश्य किसी भी बच्चे को संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न होने देना है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन “वसुधैव कुटुंम्बकम्” की भावना के साथ जरूरतमंद बच्चों तक पहुंच बनाने का कार्य कर रहा है और भविष्य में अधिक बच्चों तक सहायता पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
फाउंडेशन की कोषाध्यक्ष विनीता सिकोरिया ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किया गया हर छोटा प्रयास समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है। वहीं सदस्य रुचि तनेजा ने बच्चों के चेहरों की खुशी को समाज सेवा का सबसे बड़ा पुरस्कार बताया। सदस्य सोनिया भाटिया ने कहा कि हर बच्चे में प्रतिभा होती है, जरूरत केवल उसे अवसर देने की है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा से जुड़ी रेखा जी के प्रयासों की भी सराहना की गई, जो अपने घर के आंगन में बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दे रही हैं।
फाउंडेशन के इस प्रयास ने यह संदेश दिया कि समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना आज भी जीवित है। बच्चों के हाथों में नई कॉपियां और आंखों में नए सपने इस पहल की सबसे बड़ी सफलता बनकर उभरे।
