
हरिद्वार। चारधाम यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध और गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार जनपद भर में छापेमारी और निरीक्षण की कार्रवाई कर रहा है।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानन्द जोशी ने बताया कि चारधाम यात्रा को देखते हुए विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन के नेतृत्व में टीम ने मां चंडी देवी मंदिर परिसर और आसपास स्थित 06 कैंटीन एवं ढाबों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रयोगशाला परीक्षण के लिए तैयार खाद्य पदार्थ और खाद्य तेल के कुल दो नमूने लिए गए।
निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर स्थित “अंजनी देवी जलपान गृह” को फूड लाइसेंस प्रस्तुत न करने और फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड न लगाने पर मौके पर नोटिस जारी किया गया। संचालक को एक दिन के भीतर लाइसेंस और डिस्प्ले बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि आदेशों का पालन न होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 55 के तहत न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा टीम ने सभी ढाबा संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य पदार्थ ढककर बेचने, ढक्कनयुक्त डस्टबिन का उपयोग करने और निर्माण व सर्विंग एरिया में स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए।
वहीं खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार के नेतृत्व में दूसरी टीम ने भूपतवाला क्षेत्र के 05 होटल और ढाबों का निरीक्षण किया। यहां से पनीर और लाल मिर्च पाउडर के दो नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। होटल और ढाबा संचालकों को प्रतिष्ठानों में फूड लाइसेंस और फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह अभियान पूरे जनपद में लगातार जारी रहेगा।
