तीर्थ पुरोहितों ने संस्कृत अकादमी के सचिव का पुतला फूँक, मुक्ति योजना का किया विरोध जानिए…

हरिद्वार / सुमित यशकल्याण।

हरिद्वार। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की मुक्ति योजना का चौतरफा विरोध हो रहा है। गुरुवार को तीर्थ पुरोहितों ने हरकी पौड़ी चौक पर तीर्थ पुरोहित शैलेश मोहन के नेतृत्व में उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के सचिव आनंद भारद्वाज का पुतला फूंक कर अपना रोष जताया।

शैलेश मोहन ने कहा कि संस्कृत अकादमी के सचिव अपनी मर्यादा को ना भूले, उन्हें किसने अधिकृत किया कि वो शुल्क निर्धारित कर अस्थिप्रवाह के लिए योजना बनाएं। तीर्थ पुरोहित और यजमान आस्था और श्रद्धा की डोर से बंधे हैं, प्रत्येक यजमान अपने तीर्थ पुरोहित से भलीभांति परिचित हैं और उनके संपर्क में रहता है। हम तीर्थ पुरोहित अपने यज़मानों की वंशावली को सैकड़ों वर्षो से संजोये हुए हैं। किसी भी संस्था को यह अधिकार नहीं है कि वह कोई शुल्क निर्धारित कर यजमान और तीर्थ पुरोहित के संबंध को व्यवसाय का रूप देने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि अकादमी के सचिव पुरोहितों के हिमायती बनने का ढोंग कर अपने आर्थिक लाभ की पूर्ति करना चाह रहे हैं, अच्छा हो कि वो संस्कृत भाषा और उसके विद्यार्थियों के हिमायती बनें। आज हमने हरकी पौड़ी चौक पर अकादमी के सचिव का पुतला फूंक कर अपना रोष प्रकट किया है, यदि शीघ्र ही संस्कृत अकादमी के सचिव ने अपने इस कृत्य के लिए तीर्थ पुरोहित समाज से माफी नहीं मांगी तो संस्कृत अकादमी के बाहर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। जिसकी सारी जिम्मेदारी अकादमी के सचिव की होगी।

पुतला फूंकने वालो में तीर्थ पुरोहित राजू गढ़वाली, मनीष पचभैया, नितिन कौशिक, निर्मल गोस्वामी, बादल वशिष्ठ, बाबूराम मिश्रा, सुशीलदत्त चाकलान, युवराज मिश्रा, दिनेश शर्मा, राजीव शर्मा आदि मौजूद रहे।

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