
हरिद्वार। परिवहन विभाग की ‘‘नेक राहवीर’’ योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को स्वर्णिम समय के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने वाले व्यक्तियों को सरकार द्वारा सम्मानित किया जाता है। ‘‘नेक राह वीर’’ योजना के तहत ही इंडियन रेडक्रॉस उत्तराखण्ड के चेयरमेन/ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के प्रोफेसर (डॉ.) नरेश चौधरी को जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित ने 5000/- (पांच हजार रूपये) का चैक देकर सम्मानित किया। ज्ञात हो कि डॉ. नरेश चौधरी ने दिनांक 22 मई 2025 को नेशनल हाईवे नजीवाबाद मार्ग पर दो व्यक्ति विजेन्द्र एवं सोनू को घायल अवस्था में देखा। डॉ. नरेश चौधरी ने तुरन्त घायलों की गंभीर अवस्था को देखकर अपने वाहन से प्राथमिक उपचार उपरान्त जिला चिकित्सालय हरिद्वार पहुंचाया इसके अतिरिक्त विजेन्द्र की हालत अत्यन्त गंभीर होने के कारण जिला चिकित्सालय से प्राथमिक उपचार उपरान्त एम्बुलेंस की व्यवस्था भी स्वंय के स्तर से कर एम्स ऋषिकेश भी पहुँचाकर उक्त दोनों व्यक्तियों का बहुमूल्य जीवन को बचाया। जिसके लिये डॉ. नरेश चौधरी की उक्त दोनों घायल व्यक्तियों के परिवार जनों, जन समाज ने भी विशेष रूप से सराहना करते हुए भूरि-भूरि प्रशंसा की और उत्तराखण्ड सरकार ने डॉ. नरेश चौधरी को ‘‘नेक राहवीर’’ के रूप में विशेष सम्मान दिया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने डॉ. नरेश चौधरी को सम्मानित करते हुए कहा कि डॉ. नरेश चौधरी ने दोनों व्यक्तियों का बहुमूल्य जीवन बचाकर जो सराहनीय सच्ची मानव सेवा की है वह अतुल्नीय एवं उल्लेखनीय उदाहरण है इसके लिये वह ‘‘नेक राहवीर’’ सम्मान के सच्चे हकदार हैं। जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित ने यह भी कहा कि अगर समाज का प्रत्येक नागरिक जागरूक हो जाये कि सड़क दुर्घटना से घायल व्यक्तियों को स्वर्णिम समय में उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा दी जाये तो उसका बहुमूल्य जीवन तो बच ही जायेगा और दुर्घटनाओं से मुत्यु दर में भी कमी आयेगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि डॉ. नरेश चौधरी ने जो गंभीर घायल व्यक्तियों का बहुमूल्य जीवन बचाया वह समाज के लिये भी प्रेरणा संदेश है तथा पीडितों एवं उनके परिवार जनों के लिये भी कभी नहीं भूलने वाला वरदान है। डॉ. नरेश चौधरी ने सम्मानित होने पर कहा कि मेरे लिये समर्पित मानव सेवा एवं सामाजिक सेवा अपने मूल दायित्वों के अतिरिक्त सर्वोपरि है और विभिन्न प्लेटफार्मों पर जो मुझे सम्मान मिलता है वह मेरे लिये और अधिक ऊर्जा एवं सर्म्पण होकर कर्मठता से सेवा करने के लिये प्रेरक का कार्य करता है तथा सम्मान प्राप्त होने पर जो मुझे शुभचिंतकों की बधाईयां मिलती हैं वह मेरे जीवन की कभी नहीं खत्म होने वाली पूंजी है जो मुझे जन समाज ने अपार दी हुई है जिसे देखकर एवं याद भर करने से जो आत्म संतुष्टि मिलती है वह मेरे लिये सबसे बड़ा अतुल्नीय सम्मान है।
डॉ. नरेश चौधरी को सम्मानित किये जाने पर संयुक्त आयुक्त परिवहन राजीव मेहरा, आरटीओ संदीप सैनी, अनिता चमोला, एआरटीओ निखिल शर्मा, नेहा झा, परिवहन अधिकारी भारत भूषण एवं उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) अरुण त्रिपाठी एवं परिसर निदेशक डॉ. अनूप गक्खड़ ने भी विशेष रूप से बधाई दी।
