
हरिद्वार। नगर निगम क्षेत्र में रेड़ी-पटरी के स्ट्रीट वेंडर्स और लघु व्यापारियों ने अतिक्रमण के नाम पर हो रहे कथित शोषण और उत्पीड़न के विरोध में 11 मई से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। यह निर्णय कुंभ मेला शताब्दी द्वार पर आयोजित बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने की, जबकि संचालन जिला अध्यक्ष राजकुमार ने किया।
बैठक में विभिन्न स्ट्रीट वेंडर और लघु व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। वक्ताओं ने कहा कि बार-बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के नाम पर छोटे व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है, जबकि उनके पुनर्वास और व्यवस्थित संचालन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही।
प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कहा कि उत्तराखंड नगरीय फेरी नीति नियमावली-2016 और प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना के तहत पंजीकृत व लाइसेंसधारी रेड़ी-पटरी व्यापारियों को नियमानुसार वेंडिंग जोन में व्यवस्थित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 की सर्वे सूची में शामिल और लाइसेंसधारी व्यापारियों को अब तक वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा गठित फेरी समिति के माध्यम से नियमानुसार व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, ताकि स्ट्रीट वेंडर्स को मेला क्षेत्र, शहरी इलाकों और पार्किंग स्थलों के आसपास रोजगार के अवसर मिल सकें। यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 11 मई से जनसमर्थन के साथ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बैठक में जय भगवान सिंह, रणवीर, विकास सक्सेना, मोहनलाल, सचिन राजपूत, वीरेंद्र कुमार, रवि कुमार, उमेश, राजकुमार, मुन्नालाल, सुदामा, सुनील कुकरेती, फूल सिंह, चंदन रावत, नईम सलमानी, आजम अंसारी, तस्लीम, कामिल, मनीष शर्मा, ओमप्रकाश भाटिया, कामिनी मिश्रा, गीता देवी, मंजू पाल, सुमन गुप्ता, आशा कश्यप, सावित्री देवी और पुष्पा दास सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
