
हरिद्वार।
दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीसीएस),रानीपुर हरिद्वार का तीन दिवसीय गोल्डन जुबली समारोह भव्यता गरिमा दिव्यता के साथ शुरू हुआ।मुख्य अतिथि डीपीएस सोसाइटी के चेयरमैन पूर्व आईएएस अधिकारी वी. के. शुंगलू ने दीप प्रज्वलन कर समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, पुलिस महानिदेशक इंटेलिजेंस अभिनव कुमार, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित जिला जज नरेंद्र दत्त ,बीएचईएल के कार्यपालक निदेशक रंजन कुमार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर सहित कई विभूतियां मौजूद रही । अतिथियों को सरस्वती की प्रतिमा, पौधे एवं अंग वस्त्र प्रदान कर ले सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि के तौर पर डीपीएस सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व आईएएस अधिकारी वी के शुंगलू ने स्कूल के 50 साल पूरे होने पर प्रोग्राम्स की एक सीरीज़, स्वर्ण पंख को बनाने में टीचर्स और स्टूडेंट्स की कोशिशों की तारीफ़ की। एजुकेशन का मतलब ज़्यादा जानना नहीं, बल्कि और बनना है। उन्होंने डीपीएस रानीपुर के प्रधानाचार्य डॉक्टर अनुपम जग्गा के कामकाज की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में डीपीएस रानीपुर उन्नति के शीर्ष पर है और उन्हें उम्मीद है कि विद्यालय निरंतर शिक्षा के क्षेत्र में नई कीर्तिमान स्थापित करेगा।
डीपीएस सोसाइटी के अध्यक्ष ने कहा कि संस्थाएं चिरायु होती है और वह निरंतर बढ़ती रहती हैं और 50 साल 100 साल के उत्सव मनाती हैं, संस्थाओं का कोई स्वामी नहीं होता है संस्थाओं को समाज बनता है और जब तक समाज रहेगा तब तक संस्थाएं चलती रहती है, उन्होंने कहा कि हमें ए आई को बड़ी सतर्कता के साथ अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त चुनौतियों को ज्ञान के द्वारा समाप्त किया जा सकता है और हमें अपने ज्ञान को अधिक से अधिक बढ़ाना चाहिए।
स्वागत संबोधन करते हुए डीपीएस रानीपुर हरिद्वार के प्रिंसिपल डॉक्टर अनुपम जग्गा ने स्कूल की 50 वर्ष की शैक्षिक यात्रा और उपलब्धियां का विवरण प्रस्तुत किया। तीन दिन तक चलने वाले डीपीएस रानीपुर का गोल्डन जुबली समारोह के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा के क्षेत्र में कई चुनौतियां हैं और हमें इन चुनौतियों का सामना करते हुए अपने सपनों की उड़ान को पीछे नहीं छोड़ना है।
उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक इंटेलिजेंस अभिनव कुमार ने कहा कि आज हमारे सामने तीन चुनौतियों प्रमुख रूप से है जिनमें कृत्रिम बौद्धिकता (एआई), पर्यावरण और नशा प्रमुख रूप से हैं जिनका हमें दृढ़ता के साथ मुकाबला करना है और हमें सभ्य साइबर नागरिकोँ का निर्माण करना है।
इस अवसर पर आयोजित इस लिटरेरी फेस्ट में कई लिटरेचर, सोशल एक्टिविस्ट, डॉक्टर, इंजीनियर, एजुकेशनिस्ट शामिल हुए और बच्चों के द्वारा लिखी गई किताब का विमोचन किया गया । इस इवेंट की खासियतें नए लेखकों की लिखी किताबों का लॉन्च, थॉट लीडरशिप कॉन्क्लेव, थिएटर फेस्टिवल, मुशायरा और कवि सम्मेलन हैं। इस सुबह विद्यालय परिसर में पुस्तक मेले का उद्घाटन किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मनमोहन सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया और इस अवसर पर डीपीएस रानीपुर की 50 साल की यात्रा को लेकर आकर्षक वृत चित्र दिखाया गया।
इस अवसर पर हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित हरिद्वार के जिला जज न्यायमूर्ति नरेंद्र दत्त और हरिद्वार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर डीपीएस रानीपुर के पूर्व प्रिंसिपल, के सी पांडे, श्रीमती मनीषा जग्गा, श्रीमती उमा पांडे मोटिवेशनल स्पीकर पद्मजी सेहरावत सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।









