
हरिद्वार। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर रोटरी हरिद्वार एवं इंटरैक्ट क्लब, डीपीएस दौलतपुर के संयुक्त तत्वावधान में सेवा, स्नेह और सामाजिक समरसता से जुड़ी अनूठी पहल की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को रक्षाबंधन के सांस्कृतिक एवं भावनात्मक महत्व से परिचित कराने के साथ उनमें प्रेम, भाईचारे, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में इंटरैक्ट क्लब के सदस्यों ने विद्यालय की छात्राओं के साथ मिलकर राखी बनाने की रचनात्मक गतिविधि आयोजित की। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक अपने हाथों से राखियां तैयार कीं। इस दौरान उन्हें बताया गया कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, सुरक्षा, विश्वास और आपसी सम्मान का प्रतीक भी है।
इसके बाद इंटरैक्ट क्लब के सदस्यों और राखियां तैयार करने वाली छात्राओं को वात्सल्य वाटिका ले जाया गया। यहां डीपीएस दौलतपुर की छात्राओं ने वात्सल्य वाटिका के बच्चों को अपने हाथों से बनाई राखियां बांधीं और उनके साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर इमामी की ओर से उपलब्ध कराए गए AluFrut जूस भी बच्चों को उपहार स्वरूप वितरित किए गए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह दिखाई दिया।
कार्यक्रम के दौरान वात्सल्य वाटिका के बच्चों को रक्षाबंधन के महत्व तथा इस पर्व में निहित भाई-बहन के प्रेम, सुरक्षा, विश्वास और आपसी स्नेह की भावना के बारे में जानकारी दी गई। वहीं विद्यालय में भी विद्यार्थियों को रक्षाबंधन की परंपरा एवं उसके सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया गया।
इस पूरे कार्यक्रम में डीपीएस दौलतपुर की प्रधानाचार्या पूनम श्रीवास्तव, इंटरैक्ट क्लब की कोऑर्डिनेटर ममता तथा विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और संवेदनशीलता के साथ सामाजिक पहल में भाग लिया।
प्रोजेक्ट को सफल बनाने में रोटरी हरिद्वार के अध्यक्ष डॉ. नील माधव साहू, उपाध्यक्ष गंगाधर नायक, सचिव धर्मेंद्र मान्धाता, विनीत सिंघल और डॉ. आलोक सारस्वत सहित रोटरी हरिद्वार के अन्य सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
रोटरी हरिद्वार के सदस्यों ने कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी केवल अपने परिवार के साथ खुशियां मनाने में नहीं, बल्कि उन लोगों तक भी प्रेम और अपनत्व पहुंचाने में है, जिन्हें इसकी आवश्यकता है। इस पहल के माध्यम से बच्चों को सेवा, समावेशिता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम ने रक्षाबंधन के पर्व को भाई-बहन के पारंपरिक रिश्ते से आगे बढ़ाते हुए प्रेम, भाईचारे, मानवता और सामाजिक समरसता के उत्सव के रूप में मनाने का सुंदर संदेश दिया। पहल से विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदनशीलता और सेवा भावना को मजबूत करने की दिशा में सार्थक प्रयास हुआ।









