
हरिद्वार। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के तत्वावधान में संचालित राष्ट्र व्यापी कार्यक्रम हर महीने प्रथम रविवार दस बजे दस मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के नाम अभियान के अन्तर्गत रविवार को देश के विभिन्न प्रान्तों में 46वें रविवार में ध्वजारोहण, राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ ही स्वतंत्रता सेनानी स्मारकों तथा शहीद स्थलों पर पुष्पांजलि समर्पित की गईं। हरिद्वार जिले में अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क जटवाड़ा पुल, ज्वालापुर, वटवृक्ष सुनहरा, स्वतंत्रता सेनानी स्तंभ भगवानपुर, लक्सर, रुड़की, बहादराबाद तथा हरिद्वार में आयोजित किए गए।
मुख्य कार्यक्रम अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क जटवाड़ा पुल, ज्वालापुर में सम्पन्न हुआ, राष्ट्र गीत वन्देमातरम् के पश्चात संगठन के मार्गदर्शक मंडल सदस्य वयोवृद्ध वीरेन्द्र गहलौत ने ध्वजारोहण किया, राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी, कैलाश वैष्णव, अनुराग सिंह गौतम तथा आदित्य गहलौत ने शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, तत्पश्चात उपस्थित स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों तथा स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने पुष्पांजलि समर्पित किया।
देश भर में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों को संदेश देते हुए स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने कहा कि देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले क्रांतिकारियों ने किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे अखंड भारत के लिए संघर्ष किया था, अतः हमें स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को किसी सीमा में नहीं बांधना चाहिए। सन 1822 की कुंजा बहादुर हरिद्वार की क्रांति से लेकर 1947 तक की लड़ाई में हर धर्म और हर जाति के लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर भाग लिया था। उनका एकमात्र संकल्प था स्वाधीन भारत, न कि किसी जाति या संप्रदाय का उत्थान। उनके परिवारों को किसी राजनीतिक या सामाजिक खांचे में बांटना स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सर्वोच्च बलिदान का अपमान करने जैसा होगा।
रघुवंशी ने स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों से कहा कि देश को स्वतंत्र कराने में जहाँ महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मंगल पांडे, रानी लक्ष्मीबाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही, वहीं मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, अशफाक उल्लाह खान, सीमांत गांधी के नाम से प्रसिद्ध खान अब्दुल गफ्फार खान, ऊधम सिंह, करतार सिंह सराबा, अमरचंद बांठिया, अर्जुनलाल सेठी तथा जुएल मक्का फर्नांडिस का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हमारे स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को अपने पूर्वजों का अनुकरण करते हुए सच्चे देशभक्त की भूमिका निभाना चाहिए।













