1008 आनंदमई हंसा भारती माता बनेगी निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर, आचार्य कैलाशनन्द गिरी महाराज ने की घोषणा, जानिये

haridwar/sumit yashkalyan

 

हरिद्वार। माता आनंदमई हंसा भारती जी को कल निरंजनी अखाड़े में महामंडलेश्वर बनाया जाएगा, कल अखाड़े में आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम में माता जी का महामंडलेश्वर पद पर पट्टा अभिषेक होगा, अखाड़े के आचार्य कैलाशानंद गिरि महाराज ने आज माताजी को महामंडलेश्वर बनाए जाने की घोषणा की है। माता जी का उत्तर कर्नाटक में अंबावन मठ आश्रम है

माता आनंदमई वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण भदोरिया की गुरु हैं उनके महामंडलेश्वर पद की घोषणा होने पर खुशी व्यक्त करते हुए अरुण भदोरिया ने कहा कि सभी भक्तों के लिए यह बहुत गर्व की बात है की माता जी को निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया जा रहा है ,कल अखाड़े में माताजी का पट्टा अभिषेक होगा ,अरुण भदोरिया ने सभी भक्तों से निवेदन किया है कि उनके निजी निवास स्थान जगजीतपुर पेट्रोल पंप के पास सभी इकट्ठा होकर शोभा यात्रा के रूप में माता जी के साथ अखाड़े में चलेंगे।

श्री श्री 1008 हंसा भारती जी का जीवन परिचय
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इस प्रकार है की इनके नानाजी जो देवी माता के बहुत बड़े उपासक थे और नाना जी जो कि आंखों से अंधे थे जो बचपन से ही इनको साधु महाराज कहकर पुकारते थे, नाना जी द्वारा इनको साधना में अत्यंत पारंगत किया गया, इनके द्वारा चारों वेद का पूर्ण ज्ञान जिसमें सामवेद में विशेष रुप से यह प्रांगत है साथ ही ज्योतिष, संगीत, व संस्कृत में बहुत विशेष ज्ञान है स्नातक की शिक्षा ग्रहण की हुई है, इनके द्वारा कुंडली श्रृंगेरी पीठाधीश्वर श्री श्री सच्चिदानंद बालू केशवारा भारती शंकराचार्य जी से संन्यास की दीक्षा ली, समाजसेवा अद्भुत गुणों को देखते हुए राज्य सरकार कर्नाटक द्वारा डॉक्टर की उपाधि भी दी गई, दुख व परेशानी से भरे आए लोगों को उनकी समस्याओं का निराकरण कर धर्म का प्रचार प्रसार वर्तमान में कर रहे हैं । 18 वर्ष परिवरजक बनके त्रिकाल में नवावरन पदत्ती से त्रिपुर सुंदरी सौभाग्य श्री विद्या सोडशी मां का उपासना करके बाद में मां का रूप धारण करके माई के गुण में गरीबों का रोगियों का सारे समाज का चतुर्वर्ण लोगों का भलाई का कार्य करके रामायण ,महाभारत ,भगवत गीता, ब्रह्मसूत्र, 18 पुराणों को सरल भाषा में अनुवादित करके आज की दुनिया में युवा पीढ़ियों को माताजी ने सनातन धर्म के रास्ते मे ला कर भारत माता की सेवा में सारे जीवन को अर्पित करके सादगी पूर्ण जीवन जी रही है।

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