
हरिद्वार। ऊँ आरोग्यम् योग मंदिर के तत्वाधान में कनखल स्थित बैंकेट हॉल में 11वीं राष्ट्रीय योग प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा, ओयम अध्यक्ष योगी रजनीश, अर्चना शर्मा, योगाचार्य दीप्ति सिंह, योगाचार्य शिवम भारद्वाज, योगाचार्य ओश्विन शर्मा, योगाचार्य सेजल अरोड़ा, योगाचार्य गौरव, निधि पंत, सोनिका, रेखा और वीरेन सिंह सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
प्रतियोगिता में हरिद्वार सहित विभिन्न जिलों और राज्यों से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। डी.पी.एस. रानीपुर, डी.पी.एस. दौलतपुर, मां सरस्वती पब्लिक स्कूल, ऐंजल्स एकेडमी, धूम सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल, मां आनंदमयी स्कूल रायवाला, संस्कृति स्कूल, दीक्षा राइजिंग पब्लिक स्कूल, ग्रेट मिशन स्कूल नैनीताल, सार्थक योगशाला कोटद्वार, योगधाम फिटनेस, डांस वाइब्स, ओजिमा सहारनपुर सहित कई संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने योग कौशल का प्रदर्शन किया। इसके अलावा मेरठ, सहारनपुर, ऋषिकेश, रुड़की और लक्सर से भी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
ओयम अध्यक्ष योगी रजनीश ने बताया कि प्रतियोगिता को तीन प्रमुख श्रेणियों में आयोजित किया गया। पहली श्रेणी ट्रेडिशनल योगासन प्रतियोगिता की थी, जिसमें प्रतिभागियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, पद्मासन, धनुरासन जैसे पारंपरिक योगासनों का निर्धारित समय में संतुलन, शुद्धता और स्थिरता के साथ प्रदर्शन किया। इस श्रेणी में 06 वर्ष से कम आयु वर्ग से लेकर 35 वर्ष से अधिक आयु वर्ग तक के प्रतिभागियों को शामिल किया गया और उनकी तकनीकी शुद्धता, लचीलापन व नियंत्रण के आधार पर मूल्यांकन किया गया।
दूसरी श्रेणी आर्टिस्टिक योग प्रतियोगिता रही, जिसमें सोलो, पेयर और ग्रुप प्रस्तुतियां शामिल थीं। इस वर्ग में प्रतिभागियों ने संगीत की धुन पर रचनात्मक और आकर्षक योग प्रस्तुतियां दीं। कठिन आसनों के संयोजन, तालमेल, संतुलन, भाव-भंगिमा और प्रस्तुति की कलात्मकता को विशेष रूप से आंका गया। ग्रुप और पेयर प्रदर्शन में समन्वय और एकरूपता मुख्य आकर्षण रहे।
तीसरी श्रेणी सूर्य नमस्कार प्रतियोगिता की थी, जिसमें प्रतिभागियों ने निर्धारित समय में अधिकतम संख्या में शुद्ध तरीके से सूर्य नमस्कार कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। इसमें गति, शुद्धता, श्वास-प्रश्वास का संतुलन और निरंतरता को आधार बनाकर अंक दिए गए, जो प्रतिभागियों की सहनशक्ति और एकाग्रता को दर्शाता है।
निर्णायक मंडल में योगाचार्य दीप्ति सिंह, शिवम भारद्वाज, सेजल अरोड़ा और गौरव शामिल रहे। 12 से 16 वर्ष बालिका वर्ग में यशस्वी शर्मा (डीपीएस रानीपुर) ने प्रथम, वेदिका (धूम सिंह मेमोरियल) ने द्वितीय और ऋषिका (व्यक्तिगत) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक के साथ उपहार प्रदान किए गए, साथ ही सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता किसी “योग कुंभ” से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ और निरोगी जीवन का आधार है और यदि इसे जीवन का हिस्सा बना लिया जाए तो व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बन सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर योगी रजनीश ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि योग केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मन को भी मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि जीत-हार से ऊपर उठकर योग करना ही सबसे बड़ी सफलता है और नियमित अभ्यास से जीवन की हर कठिनाई को आसान बनाया जा सकता है।
