धर्मरक्षा के लिए गुरुकुल महाविद्यालय ज्वालापुर में आर्य महासंघ द्वारा आयोजित हुई विचार गोष्ठी…

हरिद्वार / सुमित यशकल्याण।

हरिद्वार। गुरुकुल महाविद्यालय ज्वालापुर में आर्य महासंघ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तराखंड व अन्य प्रदेशों से पधारेे गणमान्य आर्य समाज के पदाधिकारियों, आचार्यों एवं आर्य-आर्याओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गुरुकुल टटेसर दिल्ली से पधारे आर्य महासंघ के अध्यक्ष आचार्य हनुमंत प्रसाद जी ने सभी को संबोधित करते हुए कहा की 24 घंटे में से एक से दो घंटा आर्य समाज के सिद्धांतों के प्रचार प्रसार में लगाएं, साथ ही आचार्य हनुमंत प्रसाद ने सभी युवाओं से सार्वजनिक स्थल पर एकत्र होकर संध्या एवं हवन करने का निर्देश किया और नए युवक-युवतियों को आर्य सिद्धांतों से अवगत कराने के लिए आर्य निर्मात्री सभा का दो दिवसीय सत्र करवाने का भी निर्देश किया। इसके साथ ही आर्यों को निर्देशित किया कि आर्य प्रशिक्षण सत्र कर चुके कम से कम पांच आर्य-आर्याएं किसी भी गांव में हैं तो वहां आर्य समाज की स्थापना जरूर करें।


आर्य निर्मात्री सभा उत्तराखंड के अध्यक्ष विजयपाल आर्य जी ने कहा की महर्षि दयानंद द्वारा प्रचारित वेद के सिद्धांत सार्वकालिक, सार्वभौमिक और सभी को सुख देने वाले हैं, वेद के सिद्धांतों का प्रचार प्रसार होने से सभी के जीवन में सुख एवं स्वास्थ्य लाभ होगा।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉक्टर वाजस्रवा आर्य उपनिदेशक संस्कृत शिक्षा परिषद उत्तराखंड, देहरादून से आर्य बृजेश राय, कोटद्वार से आर्य दीपक फूल, रुड़की से आर्य विनोद मलिक और अजयवीर आर्य, बरेली से आचार्या सुभद्रा विद्यालंकार, स्वामी ओमानंद जी, आचार्य सुनील शास्त्री जी, गुरुकुल महाविद्यालय ज्वालापुर के प्रधानाचार्य हेमंत तिवारी, मुजफ्फरनगर से आर्य प्रवेश जी, हरिद्वार से आर्य दिव्यप्रकाश, आर्य सुभाष सैनी, वैद्य अमित आर्य, स्वदेशी फार्मेसी से आचार्या सुनीता आर्या, गुरुकुल कांगड़ी से आचार्य अशोक आर्य ने धर्मरक्षा के लिए सभी युवाओं और युवतियों को प्रेरित किया।

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