अयोध्या फाउंडेशन की संस्थापिका मीनाक्षी शरण को “देवी दुर्गा सम्मान” से किया गया सम्मानित


कुरुक्षेत्र। अयोध्या फाउंडेशन की संस्थापक मीनाक्षी शरण, भारतीय कला, संस्कृति और सनातन परंपराओं के पुनर्जागरण के लिए कार्यरत है। विगत दो दशकों में संभवतः, वे एकमात्र भारतीय आवाज़ हैं जो लगातार, बिना लाग लपेट 1947 के विभाजन की वास्तविकता पर बोलती – लिखती आई हैं।
जिन असंख्य हिंदुओं ने सातवीं सदी से आज तक धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण त्याग दिए या अपनी हिंदू पहचान के कारण मार दिए गए, उन करोड़ों हिंदुओं को कृतज्ञता व श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए वे गत १० वर्षों से वे “सामूहिक तर्पण अभियान” चला रही है। इस अभियान से प्रतिवर्ष देश विदेश के लाखों हिंदू अपना सच्चा इतिहास और धार्मिक कर्तव्यों से अवगत हो रहे हैं और अपने अपने स्थान पर सामूहिक तर्पण के आयोजन कर रहे हैं।
इसी अवधारणा पर उनकी किताब Paid in Blood प्रकाशित होने को तैयार है।
मीनाक्षी भारत के प्राचीन ज्ञान, इतिहास, संस्कृति पर शोध करती आई हैं और उसे आधुनिक भारतीय समाज में पुनर्स्थापित करने के लिए कार्यरत हैं।
हिंदू समाज के प्रति उनके इस निस्वार्थ कार्य के लिये, 12 दिसंबर 2025, को पीठाधीश्वर शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज द्वारा उन्हें “देवी दुर्गा सम्मान” से अलंकृत किया गया। ये कार्यक्रम कुरुक्षेत्र गुरुकुलम फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया था।

