
हरिद्वार। उत्तराखंड की राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया, जब प्रमोद खारी ने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। प्रमोद खारी ने अपने इस्तीफे के पीछे गुर्जर समाज की उपेक्षा और संगठन के भीतर असंतोष को प्रमुख कारण बताया है।
प्रमोद खारी के इस्तीफे के बाद भाजपा में इस्तीफों का सिलसिला भी शुरू हो गया। खानपुर समेत विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के कई युवा कार्यकर्ताओं ने प्रमोद खारी के समर्थन में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का दावा किया है। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी, उत्तराखंड को संबोधित एक हस्तलिखित सामूहिक इस्तीफा पत्र भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि सभी हस्ताक्षरकर्ता प्रमोद खारी के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं। पत्र पर 26 जुलाई 2026 की तिथि अंकित है और उस पर दर्जनों कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं।
पत्र में जिन प्रमुख नामों के हस्ताक्षर दिखाई दे रहे हैं, उनमें हामिद, तिलक, अजय, अनुज, सागर, अंश, मुदस्सिर, राहुल, अंकित, गौरव, अहमद, नावेद, मोहिदीन, जावेद, अरमान, समीर, अनस, फुरकान, नासिर, सादिक, शौकीन, राशिद, रुबैल, रुहेल, शोएब, आमिर, गुड्डू, साकिब, आसिफ, सलमान, शहजाद, परवेज, शाद अली, बादल, वसीम, शारिक, साहिल, ताबिश, कालू, बबलू, जीनत और फरमान सहित अन्य कार्यकर्ताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, पत्र हस्तलिखित होने के कारण सभी नामों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि प्रमोद खारी के समर्थन में इस्तीफों का यह सिलसिला आगे भी जारी रहा, तो इसका असर विशेष रूप से खानपुर विधानसभा क्षेत्र की स्थानीय राजनीति पर पड़ सकता है। फिलहाल भाजपा की ओर से इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।










