
दयालबाग एजुकेशनल इंस्टिट्यूट का 43वां दीक्षांत समारोह मंगलवार 25 मार्च को विश्वविद्यालय परिसर स्थित शिक्षा स्त्रोत भवन (दीक्षांत सभागार) डीईआई में आयोजित किया गया। इस वर्ष कुल 4536 छात्र-छात्राओं ने डीईआई के विभिन्न पाठ्यक्रमों में डिग्री एवं डिप्लोमा के प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
इसमें 2086 स्नातक डिग्री, 770 स्नातकोत्तर डिग्री, 48 स्नातकोत्तर डिप्लोमा, 518 डिप्लोमा कोर्स, 245 हाईस्कूल, 211 इंटरमीडिएट और 515 सर्टिफिकेट कोर्स डिग्री छात्र-छात्राओं के बीच वितरित की गई। इस क्रम में विभिन्न स्तरों एवं परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्रदर्शित करने वाले विद्यार्थियों को स्तुति गोगिया, संस्थापक पदक, स्नेहा सेठ और रेनू, स्नातक एवं स्नातकोत्तर अध्यक्ष पदक, 112 निदेशक पदक भी वितरित किए गए तथा साथ ही 143 शोध उपाधि (पीएच डी) भी प्रदान की गई ।
इस वर्ष दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा विभाग शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली में सचिव के पद पर कार्यरत संजय कुमार थे और उन्होंने इस अवसर पर दीक्षांत भाषण के माध्यम से विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों को संबोधित भी किया।
संस्थान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए डीके निदेशक प्रोफेसर सी पटवर्धन ने कहा कि डीईआई उत्कृष्ट समावेशित और सामाजिक प्रभाव के लिए प्रतिबद्ध है।दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष श्री गुरु सरूप सूद और राधास्वामी सत्संग सभा, दयालबाग ने की। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में प्रोफेसर आनंद मोहन, रजिस्ट्रार, श्रीमती स्नेहा बिजलानी, कोषाध्यक्ष, सभी संकायों और कॉलेजों के डीन और प्रमुख, प्रबंधन बोर्ड और अकादमिक परिषद के सदस्य शामिल थे। यह कार्यक्रम शिक्षा सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर पी.एस. सत्संगी साहब और रानी साहिबा की गरिमामयी उपस्थिति में परम धन्य हो गया।
निम्नलिखित को एल्युमिनाई पुरस्कार (लाइफ-टाइम अचीवमेंट अवार्ड) प्राप्त हुआ।
1- न्यायमूर्ति सोलंकी।
2- डॉ. अंजू भटनागर।
3- प्रो. आनंद मोहन- रजिस्ट्रार महोदय।
4- सुश्री स्नेह लता बिजलानी- कोषाध्यक्ष महोदया।
