
हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के ई-सेल के तत्वावधान में एशिया के सबसे बड़े बिजनेस मॉडल लॉन्चपैड ‘यूरेका’ (Eureka!) के अंतर्गत एक भव्य पिचिंग प्रतियोगिता का गरिमामयी आयोजन संपन्न हुआ। आईआईटी बॉम्बे के राष्ट्रीय नवाचार अभियान के सहयोग से आयोजित इस मंच का मुख्य उद्देश्य छात्रों में ‘नौकरी खोजने वाले’ के स्थान पर ‘नौकरी सृजक’ बनने की मानसिकता को धरातल पर उतारना और भारत के आत्मनिर्भर स्टार्टअप तंत्र को गति देना रहा। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन को रूबी हाई प्योरिटी वाटर सिस्टम्स एवं अमन 3डी आर्ट गैलरी ने मुख्य प्रायोजक के रूप में अपना बहुमूल्य समर्थन प्रदान किया।
समारोह का शुभारंभ वैदिक परंपरा और आधुनिक दृष्टिकोण के अनूठे संगम के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने छात्र नवोन्मेषकों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि हम आज प्रयोगशालाओं और कक्षाओं में जो कुछ भी नया रचते हैं, वह अंततः राष्ट्रहित और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि हमें अपनी समृद्ध गुरुकुल शिक्षा पद्धति के उच्च नैतिक मूल्यों, चरित्र निर्माण और अनुशासन को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान और नवाचार के साथ एकीकृत कर आगे बढ़ना होगा।
संकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर मयंक अग्रवाल ने कहा कि यह तकनीकी प्रतियोगिता तकनीकी छात्रों में कौशल पैदा करना है जिससे वह अपने भविष्य को सृजनात्मक बना सकें। यह प्रतियोगता
प्रतियोगिता के तकनीकी सत्र में प्रारंभिक स्क्रीनिंग के बाद शॉर्टलिस्ट की गई 20 उत्कृष्ट छात्र टीमों ने अपने-अपने प्रोटोटाइप, व्यावसायिक रणनीतियों और कार्यान्वयन योजनाओं को निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने जनरेटिव एआई टूल्स, किफायती हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स, अपशिष्ट प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट कंज्यूमर तकनीक और एग्री-टेक जैसे समसामयिक क्षेत्रों में व्यावहारिक और स्केलेबल बिजनेस मॉडल्स का सशक्त प्रदर्शन किया।
प्रस्तुत किए गए सभी मॉडलों का सूक्ष्म तकनीकी, वित्तीय और व्यावसायिक मूल्यांकन उद्योग व शिक्षा जगत के अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल में डॉ. कपिल पांडे, डॉ. प्रशांत कौशिक एवं प्रवीण कुमार पांडे उपस्थित रहे। जूरी सदस्यों ने प्रत्येक टीम के रेवेन्यू मॉडल, यूनिट इकोनॉमिक्स, गो-टू-मार्केट रणनीति और बौद्धिक संपदा (IP) की व्यवहार्यता की गहन जांच की तथा छात्रों के आइडियाज को वास्तविक बाजार में निवेश योग्य बनाने के लिए रणनीतिक मार्गदर्शन दिया।पूरे आयोजन का विस्तृत खाका और सफल क्रियान्वयन ई-सेल के फैकल्टी एडवाइजर डॉ. लोकेश जोशी के कुशल मार्गदर्शन व दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ। छात्र समन्वयकों और वॉलंटियर्स द्वारा समय प्रबंधन, ऑडियो-विजुअल समन्वय, मंच संचालन और प्रतिभागी सहायता का निर्वहन इतने पेशेवर ढंग से किया गया कि पूरे सत्र के दौरान कार्यक्रम अत्यंत अनुशासित और निर्बाध गति से चला, जिसकी उपस्थित सभी अतिथियों ने मुक्तकंठ से सराहना की।
समारोह के समापन पर ई-सेल टीम ने संकाय के निरंतर उत्थान और शोध संवर्धन में प्रयासरत एफईटी संकायाध्यक्ष प्रो. मयंक अग्रवाल के प्रति प्रशासनिक सहायता और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही माननीय कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा, प्रो. मयंक अग्रवाल प्रो. विपुल शर्मा, लोकेश कुमार जोशी, पंकज कौशिक एवं सभी सम्मानित संकाय सदस्यों, निर्णायक मंडल तथा प्रायोजक संस्थानों-रूबी हाई प्योरिटी वाटर सिस्टम्स व अमन 3डी आर्ट गैलरी-को कार्यक्रम की ऐतिहासिक सफलता में अमूल्य योगदान देने के लिए विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर छात्र रमन कुमार यादव, मयूर, कुशल, रजत, वर्तिका मानसी प्रतियोगिता कार्यक्रम का संचालन बी टेक्ट द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रगति ने किया।
टीम विजेताओ के नाम प्रथम ऑटो पाइयलेट, द्वितीय विजेता प्लस और तीसरा विजेता टेकनों स्मार्ट क्लब रहे।










