
हरिद्वार / कनखल। ऑपरेशन प्रहार के तहत कनखल पुलिस की कार्रवाई, सब्जी, दूध और राशन विक्रेताओं से लेकर ई-रिक्शा चालकों तक से वसूली करने के आरोप
हरिद्वार। ऑपरेशन प्रहार के तहत हरिद्वार पुलिस ने आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अवैध वसूली करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपित हिस्ट्रीशीटर अमित कटारिया को गिरफ्तार किया है। आरोपित पर हत्या के तीन मामलों समेत कुल 22 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपित पर सब्जी, दूध और राशन विक्रेताओं से सामान लेने के बाद पैसे मांगने पर चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देने तथा ई-रिक्शा, टेंपो चालकों, फड़-ठेली संचालकों और स्टैंड वालों से शराब पीने के लिए अवैध रूप से पैसे मांगने के आरोप हैं। छोटे दुकानदारों के साथ उगाही के लिए गाली-गलौज और मारपीट करने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
पुलिस के मुताबिक, 25 अक्टूबर 2026 को रविदास बस्ती निवासी देवनन्द मंडल और आनंद कुमार ने कोतवाली कनखल में तहरीर देकर आरोप लगाया कि अमित कटारिया आए दिन सामान लेने और पैसे मांगने पर चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देता है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी लोगों के बीच दहशत फैलाने के लिए खुलेआम तीन हत्याएं करने की बात कहता है और दावा करता है कि कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। शिकायत के आधार पर कोतवाली कनखल में मुकदमें दर्ज किए गए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को 14 अक्टूबर और 24 अक्टूबर 2026 को भी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया गया था। जमानत पर छूटने के बाद उसके दोबारा कथित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने की शिकायतें मिलीं। लगातार मिल रही शिकायतों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशों के क्रम में कनखल पुलिस ने 26 अक्टूबर 2026 को आरोपी के घर पर दबिश देकर उसे हिरासत में लिया। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमित कटारिया पुत्र हुकम चन्द, निवासी रविदास बस्ती, थाना कोतवाली कनखल, हरिद्वार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास लंबा है। उसके खिलाफ हत्या के तीन, गैंगस्टर एक्ट का एक, अवैध वसूली के तीन, छेड़खानी के दो, एनडीपीएस एक्ट का एक, अवैध शस्त्र के चार, गुंडा एक्ट के दो, शराब तस्करी के दो तथा लड़ाई-झगड़े और आगजनी के दो अभियोग दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त उसके खिलाफ धारा 110जी के तहत भी दो मामले दर्ज बताए गए हैं। इस प्रकार आरोपी के खिलाफ कुल 22 मुकदमों का आपराधिक इतिहास बताया गया है।
पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनुज सिंह, उपनिरीक्षक प्रकाश चन्द्र, उपनिरीक्षक धनराम शर्मा, कांस्टेबल विशन चौहान और कांस्टेबल जितेन्द्र राणा शामिल रहे।













