
हरिद्वार। ऋषिकुल विद्यापीठ में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान स्थापित किए जाने को लेकर ऋषिकुल विद्यापीठ ब्रह्मचर्य आश्रम में रह रहे परिवारों और व्यापारियों में बेचैनी बढ़ गयी है। सोशल मीडिया और खबरों के माध्यम से सूचना मिलने के बाद क्षेत्रवासियों को अपने घरों को हटाए जाने का डर सताने लगा है। रविवार को ऋषिकुल विद्यापीठ निवासियों ने बैठक कर अपनी चिंता जाहिर की। बैठक में वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोम त्यागी और मनोज सैनी ने निवासियों का समर्थन किया। बैठक को संबोधित करते हुए सोम त्यागी और मनोज सैनी ने कहा कि मदन मोहन मालवीय शोध संस्थान के निर्माण का कोई विरोध नहीं है। लेकिन अरसे से निवास कर रहे ढाई सौ परिवारों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों में भ्रम बना हुआ है कि उनके घरों और दुकानों को हटाकर शोध संस्थान का निर्माण किया जाएगा। 100 वर्षों से ढाई सौ परिवार इस क्षेत्र में रह रहे हैं। सरकार को उनके साथ धोखा नहीं करना चाहिए। शोध संस्थान के लिए ऋषिकुल मैदान या अन्य खाली जमीन का चयन किया जाना चाहिए। स्थानीय निवासी जवाहर चावला और योगेश श्याम सिंह ने कहा कि वे ऋषिकुल विद्यापीठ में बाप-दादा के समय से रह रहे हैं। शोध संस्थान का निर्माण हो, लेकिन रह रहे लोगों को उजाड़ा न जाए। सरकार के पास खाली जमीन की कोई कमी नहीं है, शोध संस्थान खाली जमीन पर बनाया जाए। इस दौरान कमलापति, अभय शर्मा, गगन देशवाल, पूरन सिंह, विभाग त्यागी, अमित, टेक बहादुर, कमल सेन, पूसा, कोमल, निर्मल देवी, गिरी लक्ष्मी, दीपक कुमार, देवी दत्त कांडपाल, श्रुति, समर्थ अग्रवाल आदि ने निर्णय लिया कि सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर शोध संस्थान की घोषणा और विस्थापन को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जाएगी। बैठक में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं।
