
देहरादून। ऊर्जा निगम में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, लगातार बढ़ते बिजली शुल्क, अधिकारियों की लापरवाही और उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर सुराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने मुख्यमंत्री के माध्यम से प्रबंध निदेशक, उत्तराखंड ऊर्जा निगम, देहरादून को संबोधित ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विभिन्न मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
रमेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड ऊर्जा उत्पादन करने वाला राज्य होने के बावजूद यहां बिजली की दरें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश की तुलना में उत्तराखंड में बिजली महंगी है। उन्होंने इस संबंध में सरकार से स्पष्ट नीति अपनाने की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ऊर्जा निगम के अधिकारी आम उपभोक्ताओं के फोन तक नहीं उठाते। हरिद्वार के अधिशासी अभियंता पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा गया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर समाधान नहीं किया जाता।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में घर बैठे ही बिजली चोरी के नोटिस जारी कर उपभोक्ताओं पर भारी पेनल्टी लगा दी जाती है, जबकि खराब मीटर की शिकायत के बावजूद समय पर मीटर नहीं बदले जाते। इसके बाद विजिलेंस की कार्रवाई कर बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं।
रमेश जोशी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शिकायतकर्ता की जानकारी और संतुष्टि के बिना ही शिकायतों का निस्तारण कर दिया जाता है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर जबरन लगाए जा रहे हैं।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि स्मार्ट मीटर के विरोध को लेकर अलग-अलग लोगों के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है।
रमेश जोशी ने कहा कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जनता आगामी चुनाव में इसका जवाब देगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली में सुधार सुनिश्चित करने की मांग की है।
