हरिद्वार। केंद्र सरकार द्वारा गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद बढ़ी कीमतों से ज्वेलर्स कारोबार में गिरावट देखी जा रही है। हरिद्वार के ज्वालापुर, कनखल और दूसरे इलाकों के सर्राफा बाजार में भी इसका असर साफ देखा जा रहा है। लोग बहुत सीमित संख्या में ज्वेलरी खरीदने के लिए सुनारों की दुकानों पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में एक तरफ सर्राफा कारोबारियों में भी निराशा बनी हुई है। वहीं जिन लोगों को शादियों के लिए ज्वेलरी और गोल्ड खरीदना है उनके बीच भी असमंजस बना हुआ है। ज्वेलरी कारोबारियों के मुताबिक प्रधानमंत्री की सोना ना खरीदने की अपील के बाद कारोबार मंद पड़ा है। ऐसे में सिर्फ ज्वेलरी कारोबार ही नहीं बल्कि इससे जुड़े तमाम कारीगर और कर्मचारियों के परिवार के सामने आर्थिक संकट आ सकता है।
ज्वेलर्स एसोसिएशन पंचपुरी हरिद्वार के उपाध्यक्ष विवेक अग्रवाल ने बताया कि पिछले एक साल में सोना दुगने दामों पर पहुंच गया है। इससे पहले से ही कारोबार प्रभावित था। अब पीएम मोदी के बयान के बाद कारोबार में और ज्यादा गिरावट आ गई है। ज्वेलर्स के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन तक देने में दिक्कत आएगी। इससे कारीगर भी प्रभावित होंगे। ज्वेलरी के कारोबार से जुड़े लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसी स्थिति में सरकार को राहत देने पर विचार करना चाहिए।
महिला ग्राहक डॉ. शिखा शर्मा ने बताया कि जिन घरों में शादियां हैं, उनके सामने असमंजस की स्थिति है। अब पीएम मोदी की अपील के बाद सोचना पड़ रहा है कि सोना अभी खरीदें या एक साल बाद। डर सता रहा है कि एक साल बाद सोना सस्ता होने की बजाय महंगा तो नहीं हो जाएगा।
पिछले कई दिनों से सोने के दामों और पीएम मोदी के बयान को लेकर ज्वेलर्स असमंजस की स्थिति में हैं। हरिद्वार में कारोबार प्रभावित हुआ तो, ज्वैलर्स एसोसिएशन से जुड़े कारोबारियों ने धरना प्रदर्शन भी किया था और सरकार से राहत देने की मांग की थी। ज्वैलर्स के मुताबिक अभी सोने के दाम आसमान छू रहे हैं और ऊपर से पीएम मोदी के बयान, इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी के बाद उनका कारोबार और भी ज्यादा प्रभावित हो गया है।
