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प्रथम नवरात्र पर नगर की अधिष्ठात्री देवी मां माया देवी मंदिर में उमड़ी मां भक्तों की भीड़…

हरिद्वार। सोमवार को शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन पंचपुरी के सिद्ध पौराणिक मंदिरों में शक्ति रूपेण मां दुर्गा की पूजा अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। नगर की अधिष्ठात्री देवी मां माया देवी मंदिर में प्रातः सवेरे श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंत्री श्री महंत महेश पुरी महाराज के संयोजन में विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात कलश की स्थापना कर 09 दिन का अनुष्ठान प्रारंभ हो गया। इन नौ दिनों में मां माया देवी का प्रतिदिन भिन्न-भिन्न प्रकार से विशेष श्रृंगार किया जाएगा तथा तीन पहर विशिष्ट पूजा-अर्चना वैदिक परंपरा के अनुसार की जाएगी।
श्री महंत महेश पुरी महाराज ने बताया सप्तपुरियों में से एक नगर की अधिष्ठात्री देवी माया देवी है इन्हीं के नाम पर हरिद्वार को मायापुरी भी कहा जाता है। जिसका उल्लेख स्कंद पुराण के केदार खंड में आता है। माया देवी सिद्ध शक्तिपीठ है तथा इसे सर्वांग शक्तिपीठ कहा जाता है पौराणिक आख्यानों के अनुसार भगवान शिव दक्ष के यज्ञ के विध्वंस के पश्चात इसी स्थान पर सती का शव लेकर बैठे थे इसलिए इसे सर्वांग पीठ कहा जाता है। भगवान विष्णु ने शिव को शांत करने के लिए सुदर्शन चक्र से सती के शव के 51 भाग कर दिए थे जो कि पूरे भारतवर्ष में 51 पीठों के रूप में विद्यमान है। यही नहीं माया देवी मंदिर बिल्व पर्वत स्थित मनसा देवी नील पर स्थित चंडी देवी के शक्तिपुंज का अधोमुखी शक्ति त्रिकोण का शक्ति केंद्र भी है। इस केंद्र बिंदु पर नवरात्र में विशेष शक्तिपात होता है। श्री महंत महेश पुरी ने बताया कि नवरात्रों में माया देवी मंदिर में किए गए अनुष्ठान, पूजा-अर्चना तथा सभी कामनाओं को लेकर किए गए संकल्प, मनोकामना निश्चित रूप से पूर्ण होती है।
माया देवी मंदिर के अतिरिक्त पंचपुरी के अन्य पौराणिक मंदिर मां मनसा देवी, मां चंडी देवी, कनखल स्थित शीतला माता मंदिर तथा राजाजी पार्क स्थित मां सुरेश्वरी देवी में भी भारी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा नगर के अन्य देवी मंदिरों में भी भारी भीड़ उमड़ रही है।

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