सवर्ण समाज समन्वय समिति की ओर से किया गया  8 मार्च दिल्ली में एक ऐतिहासिक राष्ट्रव्यापी आंदोलन का औपचारिक आह्वान

हरिद्वार |
आज शांभवी धाम, हरिद्वार में  स्वामी आनंद स्वरूप महाराज  के दिव्य मार्गदर्शन एवं सशक्त नेतृत्व में साधु-संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति के बीच सवर्ण समाज समन्वय समिति (S4) की ओर से 8 मार्च, दिल्ली के लिए एक ऐतिहासिक राष्ट्रव्यापी आंदोलन का औपचारिक आह्वान किया गया।


इस अवसर पर यह स्पष्ट रूप से घोषणा की गई कि देशभर से 2000 से अधिक नागा साधु इस आंदोलन में भाग लेने हेतु एकत्रित होंगे। ये नागा साधु उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल तथा दक्षिण भारत के विभिन्न मठों और अखाड़ों से दिल्ली पहुंचेंगे।


इसके साथ-साथ देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में हिंदू समाज के लोग—युवा, विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि—दिल्ली पहुंचकर इस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बनेंगे। यह जनसैलाब केवल संख्या का प्रदर्शन नहीं होगा, बल्कि हिंदू समाज की जागृत चेतना और भविष्य की रक्षा का संकल्प होगा।
स्वामी आनंद स्वरूप महाराज  ने UGC नीति पर गहन एवं तथ्यपरक विचार रखते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा—
“यह UGC केवल एक नियम नहीं, बल्कि हिंदू समाज के बच्चों के सपनों, परिश्रम और भविष्य पर सीधा प्रहार है। यदि आज इसे रोका नहीं गया, तो कल हमारे युवाओं के हाथों से अवसर छिन जाएंगे।”
इस दौरान पूरे वातावरण में “UGC Backout” और “UGC Rollback” के गगनभेदी नारे गूंजे। स्वामी जी ने कहा कि यह संघर्ष किसी वर्ग विशेष का नहीं, बल्कि समूचे हिंदू समाज की शिक्षा, आत्मसम्मान और अस्तित्व से जुड़ा आंदोलन है।
परम पूज्य स्वामी जी के मार्गदर्शन में यह आंदोलन पूर्णतः अहिंसक, अनुशासित और संवैधानिक रहेगा, किंतु इसकी शक्ति इतनी व्यापक और संगठित होगी कि इसे अनदेखा करना असंभव होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन इतिहास में एक ऐसा अध्याय जोड़ेगा, जिसे आने वाली पीढ़ियाँ संघर्ष, एकता और साहस के प्रतीक के रूप में याद रखेंगी।
आज देशभर के 50 से अधिक हिंदू संगठन, साधु-संत समाज और करोड़ों हिंदुओं की भावनाएँ सवर्ण समाज समन्वय समिति (S4) के माध्यम से एक मंच पर एकत्र हो चुकी हैं। समूचा हिंदू समाज UGC के विरुद्ध इस महासंग्राम में  आनंद स्वरूप महाराज  के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए संकल्पबद्ध है।
8 मार्च, दिल्ली का यह आह्वान एक स्पष्ट उद्घोष है।

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