न केवल पुरातन में अपितु आज भी भारतीय जीवन पद्धति का मूल आधार है गौ-माता -मदन कौशिक।

हरिद्वार। हमारी सनातन संस्कृति एवं आर्थिकी का मुख्य स्रोत हैं गौ-माता उक्त विचार “गोदान फिल्म” को देखने के बाद पूर्व मंत्री, हरिद्वार विधायक मदन कौशिक ने व्यक्त किए। फिल्म के हर एक पात्र के माध्यम युवा पीढ़ी को पाश्चात्य संस्कृति दूर रहकर स्वदेशी की भावना की श्रेष्ठ प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि फिल्म देखने के बाद गोदान जैसी फिल्में समाज में गौ-संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।
महापौर किरन जैसल ने फिल्म की विषयवस्तु को भारतीय संस्कृति, ग्राम्य जीवन और गौ-संवर्धन की परंपरा से जुड़ा अत्यंत सार्थक एवं प्रेरणादायी प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ-माता को विशेष स्थान प्राप्त है। गाय केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि, पोषण एवं पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला भी है। ‘गोदान’ जैसी फिल्में समाज में गौ-संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।
भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी ने कहा कि गाय संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आधारित इस फिल्म को राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड में टैक्स फ्री किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस फिल्म को देख सकें और गौ-संरक्षण के प्रति जागरूकता का व्यापक प्रसार हो सके। उन्होंने कहा कि यह निर्णय समाज में सकारात्मक संदेश देने वाली फिल्मों को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
फिल्म देखने वालों में वरिष्ठ नेता सुशील त्यागी, जिला महामंत्री हीरा सिंह बिष्ट, अन्नू कक्कड़, तरुण नैयर, मंडल अध्यक्ष तुषांक भट्ट, प्रशांत शर्मा, मृदुला शास्त्री, राजेश शर्मा, अनिरुद्ध भाटी, भोला शर्मा, देवेश ममगई आदि रहे।

