अपनी जेल यात्रा की दास्तान सुना कर मुख्यमंत्री ने जीता लोगों का दिल,4 हत्या के आरोपी के साथ बिताई थी लॉकअप में रात, जानिये

सुमित यशकल्याण

हरिद्वार। अपनी जेल यात्रा की दास्तान सुना कर मुख्यमंत्री ने जीता लोगों का दिल

हरिद्वार। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत हरिद्वार में मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में आए थे , मौका था नेत्र कुम्भ के शुभांरभ का , कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कई बार लोगों का दिल जीता ,संबोधन की श्रेणी में मुख्यमंत्री ने अपनी जेल यात्रा का भी वर्णन किया ,उन्होंने बताया कि एक बार राम मंदिर आंदोलन के दौरान उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर दिया गया था, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया, वहां पहले से एक व्यक्ति बंद था उन्हें लगा कि शायद यह भी आंदोलन के चलते ही बंद किया गया होगा , परिचय होने पर उस व्यक्ति ने बताया कि वह बिजनौर का रहने वाला है और 4 मर्डर किए हुए हैं बकौल मुख्यमंत्री उसका परिचय मिलने के बाद में काफी डर गए ,लेकिन बाद में सब कुछ सामान्य हो गया,

आपने इस संस्मरण लॉकडाउन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की अपनी घोषणा से जोड़ते हुए तीरथ सिंह रावत ने कहा कि मुकदमे दर्ज होना और जेल जाना तो अलग तरह के मामले हैं लेकिन जो लोग लॉकडाउन के दौरान जरूरी सामान लेने के लिए घर से निकले उनके खिलाफ भी मुकदमे दर्ज कर दिए गए, यह न्याय संगत नहीं है इसलिए इन्हें वापस लिया जाएगा लॉकडाउन के दौरान के ही एक प्रसंग को उन्होंने इंगित किया उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान राशन बांटने को लेकर कुछ लोग यह चर्चा करते रहे कि एक वर्ग विशेष के यहां ज्यादा राशन जा रहा है, मुख्यमंत्री अपने साथियों से कहते थे कि भाई इस मामले पर छेड़ने की जरूरत नहीं है उनकी आबादी ज्यादा है इसलिए उन्हें राशन की जरूरत ज्यादा है जब हमने बच्चे ही पैदा नहीं किए हैं तो हमें इतने राशन की जरूरत ही नहीं है बराबर का राशन चाहिए तो इसी तरह बच्चे भी पैदा कर देते पीछे क्यों रहे,

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