
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रवक्ता एवं अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर मांग की है कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी घोषित ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को व्यवहार में साबित करे। उन्होंने कहा कि स्पेशल विजिलेंस कोर्ट द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामले में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को नोटिस जारी होने के बाद निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें जांच पूरी होने तक मंत्रिमंडल से अलग किया जाना चाहिए।
क्षेत्री ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (सतर्कता अधिष्ठान), गढ़वाल परिक्षेत्र, देहरादून ने वाद संख्या 280/2025 में 25 जुलाई 2026 को पारित आदेश के तहत बीएनएसएस के प्रावधानों के अनुसार विपक्षी को नोटिस जारी करते हुए 3 सितंबर 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान करते हुए निष्पक्ष जांच कराना सरकार की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने से पहले दोषी नहीं माना जा सकता, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में नैतिक उत्तरदायित्व और जनविश्वास सर्वोपरि हैं। यदि सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है तो संबंधित मंत्री को जांच पूरी होने तक पद से अलग कर स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि कानून और नैतिकता सत्ता से ऊपर हैं।
पंकज सिंह क्षेत्री ने युवाओं, अधिवक्ताओं, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और जागरूक नागरिकों से भ्रष्टाचार के खिलाफ इस वैचारिक एवं लोकतांत्रिक संघर्ष में सहभागी बनने की अपील की।
जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से पंकज सिंह क्षेत्री ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी भी शिकायत की सूचना 9412001234 पर दी जा सकती है। प्राप्त शिकायतों की जांच के बाद पात्र मामलों में उनकी ओर से निःशुल्क विधिक सहायता और पैरवी भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आम नागरिक निर्भीक होकर अपनी आवाज उठा सकें।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं कांग्रेस प्रवक्ता सुझाता पॉल ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में राजनीतिक संरक्षण नहीं, बल्कि नैतिक उत्तरदायित्व सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता सरकार से केवल भाषण नहीं, बल्कि निष्पक्ष और साहसिक निर्णय की अपेक्षा करती है।
कांग्रेस प्रवक्ता आशीष नौटियाल ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति जनता का विश्वास है। यदि भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में भी नैतिक मानदंड लागू नहीं होंगे तो लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होगी। सरकार को निष्पक्ष जांच का वातावरण सुनिश्चित करना चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता आशीष सैनी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष किसी दल का नहीं, बल्कि समाज और संविधान की रक्षा का अभियान है। सरकार को अपने घोषित सिद्धांतों के अनुरूप पारदर्शी और निष्पक्ष निर्णय लेकर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
कांग्रेस नेता हिमांशु बहुगुणा ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई उत्तराखंड के भविष्य और जनता के अधिकारों की लड़ाई है। यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध है तो बिना किसी पक्षपात के निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करते हुए उच्च नैतिक मानदंड स्थापित करने चाहिए।
प्रेस वार्ता के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता एवं कांग्रेस प्रवक्ता सुझाता पॉल, कांग्रेस प्रवक्ता आशीष नौटियाल, आशीष सैनी और हिमांशु बहुगुणा उपस्थित रहे।









