चारधाम यात्रा के निर्बाध संचालन के लिए चारधाम यात्रा संयुक्त संरक्षण समिति को ट्रैवल कारोबारियों ने दिया समर्थन…

हरिद्वार। चारधाम यात्रा के निर्बाध संचालन को लेकर चारधाम संयुक्त संरक्षण समिति से जुड़े पदाधिकारी हरिद्वार पहुंचे जहां उन्होंने हरिद्वार के मठ-मंदिरों में जाकर साधु-संतों से मुलाकात कर सहयोग की अपील की। हरिद्वार के प्रेमनगर घाट पर ट्रैवल कारोबार के उत्तराखंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन, टैक्सी मैक्सि एसोसिएशन और हरिद्वार ट्रैवल एसोसिएशन से जुड़े ट्रैवल कारोबारियों ने भी समिति के पदाधिकारियों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया। समिति में बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम से जुड़े हक हकूकधारी शामिल हैं।
समिति के अध्यक्ष अशोक सेमवाल ने आरोप लगाया कि विगत कई वर्षों से परंपरागत रूप से चलने वाली चारधाम यात्रा को सरकार ने बाधित कर दिया है। सरकार की नीतियां इसमें बाधा बन रही है। उनकी मांग है कि सरकार 2026 की चारधाम यात्रा से पहले यात्रियों की सीमित संख्या और रजिस्ट्रेशन की बाध्यता को समाप्त करे। ऑल वेदर रोड़ जैसी योजना सभी धामों के लिए एकसमान हो। सभी धामों के विकास के लिए एकसमान बजट दिया जाए। केदारनाथ धाम तक सड़क मार्ग बनाया जाए। थराली में आई आपदा के बाद वहां प्रभावित लोगों को मुआवजा और उन्हें पुनर्स्थापित भी किया जाए।
चारधाम यात्रा संचालन समिति के उपाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण जुगरान ने बताया कि इन्हीं सब मांगों को लेकर वो साधु-संतों का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। सरकार को चारधाम यात्रा से जुड़े लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि चारधाम यात्रा का निर्बाध संचालन किया जाए। सरकार को यात्रियों की संख्या से सीमित नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को संसाधन जुटाने चाहिए। यदि ऐसा किया जाए तो रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि हरिद्वार से उन्होंने अपने इस अभियान की शुरुआत की है। देहरादून में इन्हीं मांगो को लेकर मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से भी मिला जाएगा। यदि फिर भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो, दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना भी दिया जाएगा।
वहीं ट्रैवल कारोबारी विजय शुक्ला और अभिषेक अहलूवालिया ने बताया कि पिछले दो सालों में चारधाम यात्रा की नीतियों के कारण हरिद्वार ही नहीं चारों धामों में भी यात्रा पर निर्भर कारोबारियों को नुकसान हुआ है। सबसे पहले रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को समाप्त किया जाना चाहिए। चारधाम यात्रा सुगम बनाने के लिए सभी ट्रैवल कारोबारी, होटल कारोबारी और हक हकूकधारी एकजुट हो रहे हैं। हरिद्वार के ट्रेवल कारोबारी चारधाम संयुक्त संरक्षण समिति के साथ हैं। वो चाहते हैं कि चारधाम यात्रा का संचालन बिना किसी बाधा के हो।

