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जिला कारागार रोशनाबाद में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन, द्वितीय दिवस पर कथा श्रवण से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु…


हरिद्वार। हिंदू नव वर्ष एवं चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर जिला कारागार रोशनाबाद, हरिद्वार में श्री अखंड परशुराम अखाड़ा द्वारा सर्वजन कल्याण हेतु श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के द्वितीय दिवस की कथा का श्रवण कराते हुए बताया कि सर्वप्रथम सप्ताह कथा के रूप में शुक्रताल में सुखदेव मुनि ने राजा परीक्षित को श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कराया।
कथा वाचन के दौरान पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने बताया कि राजा परीक्षित को जब पता चला इस पृथ्वी पर कलयुग का आगमन हो चुका है, राजा परीक्षित कलयुग को ढूंढते हुए गंगा जी के तट पर पहुंचे कलयुग से भेंट हुई। राजा परीक्षित ने कलयुग को पृथ्वी से जाने के लिए कहा तब कलयुग ने राजा परीक्षित से कहा कि सतयुग आया, त्रेता युग आया, द्वापर युग आया, अब मैं कलयुग आया हूं तो मुझे भी रहने के लिए जगह दो। तब राजा परीक्षित ने कलयुग को जहां पर जुआ खेला जाता हो, जहां पर निरपराध पशुओं की हत्या की जाती हो, जहां पर शराब पी जाती हो, जहां पर पराई स्त्री के साथ दुर्व्यवहार किया जाता हो इन चार स्थानो में राजा परीक्षित ने कलयुग को रहने के लिए कहा। परंतु कलयुग ने राजा परीक्षित से कहा कि आप के डर से यह चार कार्य आपके राज्य में नहीं होते हैं इसलिए आप मुझे कोई अच्छा सा स्थान दीजिए, तब कलयुग को रहने के लिए स्वर्ण में वास दिया गया। राजा परीक्षित ने अधर्म से बना हुआ मुकुट जो कि जरासंध एक राक्षस का था उस मुकुट को धारण कर लिया और उसी में कलयुग जा करके बैठ गया। राजा परीक्षित ने शिकार खेलते हुए वन में समिक मुनि के गले में मरा हुआ सर्प डाल दिया समिक मुनि के पुत्र श्रृंगी ऋषि ने राजा परीक्षित को श्राप दिया के सातवें दिन तक्षक नामक सर्प भस्म कर देगा। राजा परीक्षित को जब इस बात का पता चला राजा परीक्षित अपने पुत्र जन्मेजय को राजगद्दी देकर के शुक्रताल गंगा जी के तट पर पहुंच गए वहीं पर वेदव्यास जी के पुत्र सुखदेव जी का आगमन हुआ, सुखदेव जी ने साथ दिनों तक राजा परीक्षित को श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कराया जिससे राजा परीक्षित को परम पद भगवान के वैकुंठ धाम की प्राप्ति हो गई।
शास्त्री जी ने बताया तभी से अपना कल्याण चाहने वाले भक्त सप्ताह कथा के रूप में श्रीमद् भागवत का आयोजन करते हैं, इस आयोजन से समस्त मनोकामनाएं को पूर्ण कर भगवत धाम के अधिकारी बन जाते हैं। कथा के द्वितीय दिवस श्री अखंड परशुराम अखाड़ा राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने बताया प्रत्येक समर्थवान व्यक्ति को संकल्प लेकर के जिला कारागार में कोई ना कोई आयोजन करते रहना चाहिए ताकि कारागार में बंद बंदियों के जीवन में सुधार आ सके और वह भी घर परिवार में जाकर नया जीवन जी सके। जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने श्री अखंड परशुराम अखाड़े का धन्यवाद व्यक्त किया कहा कि अखाड़े के द्वारा समय-समय पर सुंदर-सुंदर आयोजन जिला कारागार में किए जाते हैं और आगे भी इन कामना यही है कि श्री परशुराम अखाड़ा द्वारा ऐसे ही आयोजन निरंतर होते रहें। समाज सेवी जलज कौशिक द्वारा भागवत जी का पूजन संपन्न किया गया। इस अवसर पर पंडित सतीश तिवारी, पंडित सचिन पैन्यूली, पंडित आदित्य जागुड़ी, बलविंदर चौधरी, बृजमोहन शर्मा, संजू अग्रवाल आदि ने भागवत पूजन सम्पन्न किया।

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