
हरिद्वार। कुम्भ मेला-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कुम्भ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवस्थापना विकास कार्य कराए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की प्रमुख धार्मिक स्थलों तक सहज एवं सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा चंडी देवी मंदिर, मनसा देवी मंदिर, हर की पैड़ी तथा अन्य प्रमुख मंदिरों को जोड़ने वाले पैदल मार्गों एवं फुटपाथों के निर्माण, सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से कराया जा रहा है।
स्वीकृत प्रमुख परियोजनाएं निम्नवत् हैं…
चंडी देवी मंदिर के लिए तीर्थयात्री-अनुकूल सुविधाओं एवं पहुंच मार्ग के विकास (प्रथम चरण) की परियोजना -₹353.00 लाख।
मनसा देवी मंदिर (रूट-1 एवं रूट-2) के लिए तीर्थयात्री-अनुकूल सुविधाओं एवं पहुंच मार्ग के विकास की परियोजना – ₹218.97 लाख।
हरिद्वार शहर के प्रमुख मंदिरों को हर की पैड़ी से जोड़ने हेतु पैदल-अनुकूल फुटपाथ निर्माण कार्य – ₹784.05 लाख।
बंगाली मोड़ से झंडा चौक, श्रीयंत्र मंदिर एवं बूढ़ी माता मंदिर तक मार्ग के नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण का कार्य – ₹394.19 लाख।
शंकराचार्य चौक, देवपुरा चौक, चन्द्राचार्य चौक एवं आर्यनगर चौक के आंतरिक मार्गों तथा बैरियर से गुगाल मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग का बिटुमिनस कंक्रीट (बी.सी.) द्वारा नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण कार्य – ₹644.48 लाख।
शंकराचार्य चौक से कनखल थाना होते हुए देशरक्षक तिराहे तक मार्ग के नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण का कार्य – ₹393.06 लाख।
ज्वालापुर-ललताराव-चंडीघाट मार्ग का बिटुमिनस कंक्रीट (बीसी) द्वारा नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण का कार्य – ₹427.26 लाख।
इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर श्रद्धालुओं को चंडी देवी मंदिर, मनसा देवी मंदिर, हर की पैड़ी एवं अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित पैदल आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी, साथ ही, इन विकास कार्यों से कुम्भ मेला-2027 के दौरान भीड़ प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने, श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु रखने तथा हरिद्वार के आधारभूत ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
