
हरिद्वार। नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत निर्मित जगजीतपुर स्थित 68 एमएलडी सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) को प्रतिष्ठित बिल्ड इंडिया इंफ्रा अवार्ड्स में “सोशल इम्पैक्ट एक्सीलेंस ऑफ द ईयर अवार्ड” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल द्वारा प्रदान किया गया।
राज्य की ओर से यह सम्मान मीनाक्षी मित्तल, परियोजना प्रबंधक निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा), उत्तराखण्ड पेयजल निगम, हरिद्वार ने प्राप्त किया।
यह पुरस्कार जगजीतपुर 68 एमएलडी एसटीपी परियोजना द्वारा पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ गंगा अभियान को सशक्त समर्थन और क्षेत्र में सतत एवं वैज्ञानिक जल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है। यह संयंत्र आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जो हरिद्वार नगर क्षेत्र के अपशिष्ट जल का वैज्ञानिक उपचार कर उसे निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप बनाता है।
परियोजना नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर संचालित की जा रही है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण अवसंरचना विकास का सफल उदाहरण है। संयंत्र के संचालन से गंगा नदी में प्रदूषण भार में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे स्वच्छ और निर्मल धारा के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिला है।
राज्य स्वच्छ गंगा मिशन, उत्तराखण्ड ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ नदियों के संरक्षण और सतत जल अवसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यह सम्मान न केवल तकनीकी उत्कृष्टता और प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है, बल्कि सामाजिक एवं पर्यावरणीय दायित्वों के प्रति संस्थान की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
