
हरिद्वार। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर भारत विकास परिषद, जाह्नवी शाखा, हरिद्वार (उत्तराखंड) द्वारा रमावती कुंज परिसर में एक भावुक, प्रेरणादायक एवं संस्कारपूर्ण “पूर्वज समर्पित वृक्षारोपण समारोह” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की अनूठी पहल देखने को मिली।
इस अवसर पर परिषद के सदस्यों ने 100 से अधिक वृक्षों का रोपण किया। ये वृक्ष केवल हरियाली बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि पूर्वजों की स्मृतियों और संस्कारों को जीवित रखने के उद्देश्य से लगाए गए। प्रत्येक वृक्ष के साथ संबंधित पूर्वजों के नाम की प्रीतिपटिका भी स्थापित की गई, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा ले सकें।
कार्यक्रम के दौरान सभी सदस्यों ने सामूहिक संकल्प लिया कि वे प्रतिवर्ष अपने-अपने पूर्वजों की पुण्यतिथि पर इन वृक्षों को दूध से सींचेंगे तथा उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करेंगे। परिषद ने भविष्य में 500 वृक्ष विशेष रूप से पूर्वजों को समर्पित करने का भी प्रण लिया, जिससे यह पहल एक व्यापक जनअभियान का रूप ले सके।
वृक्षारोपण के लिए पीपल, बरगद, कदंब, बेल, अमलतास, नीम और आम जैसे धार्मिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्षों का चयन किया गया। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आयोजन केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सनातन परंपराओं का जीवंत विस्तार है।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब पूर्वजों की स्मृति में वृक्ष लगाए जाते हैं, तो हम प्रकृति संरक्षण के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों को संस्कारों और हरियाली की अमूल्य विरासत सौंपते हैं।
