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फर्जी प्रमाण पत्रों से सरकारी लाभ लेने के मामलों की हो उच्चस्तरीय जांच: सुराज सेवा दल

देहरादून,हल्द्वानी,हरिद्वार । उत्तराखंड में फर्जी स्थायी निवास, जाति, आय एवं अन्य प्रमाण पत्रों के माध्यम से सरकारी नौकरी, ठेकेदारी, प्रवेश तथा अन्य सरकारी लाभ प्राप्त किए जाने के आरोपों को लेकर सुराज सेवा दल ने प्रदेशभर में  मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।

सुराज सेवा दल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ऐसे मामलों की जांच केवल किसी एक व्यक्ति या प्रकरण तक सीमित न रखी जाए, बल्कि संदिग्ध प्रमाण पत्रों के निर्माण, सत्यापन, जारी किए जाने तथा उनके आधार पर प्राप्त सरकारी लाभों की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। संगठन ने हाल ही में सामने आए देहरादून के एमबीबीएस प्रवेश से जुड़े फर्जी प्रमाण पत्र एवं दस्तावेजों के प्रकरण का भी उल्लेख किया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि ऐसे मामलों से पात्र एवं स्थानीय युवाओं के हित प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए वरिष्ठ IAS एवं IPS अधिकारियों की विशेष जांच टीम गठित की जानी चाहिए, ताकि जांच किसी भी प्रकार के दबाव अथवा प्रभाव से मुक्त रह सके।

सुराज सेवा दल ने संदिग्ध स्थायी निवास, जाति, आय एवं अन्य प्रमाण पत्रों का संबंधित विभागों के मूल अभिलेखों से सत्यापन कराने की मांग की है। साथ ही यह भी जांच करने को कहा गया है कि प्रमाण पत्र किन दस्तावेजों के आधार पर और किन अधिकारियों अथवा कर्मचारियों की प्रक्रिया के माध्यम से जारी किए गए।

ज्ञापन में फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराने, जारी करने, सत्यापित करने अथवा उनके आधार पर सरकारी लाभ प्राप्त करने वाले दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही, मिलीभगत अथवा नियमों की अनदेखी सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई गई है।

संगठन ने सरकारी नौकरी, ठेकेदारी, प्रवेश एवं अन्य सरकारी लाभों के लिए प्रस्तुत प्रमाण पत्रों के सत्यापन की प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था बनाने, पूर्व में प्राप्त शिकायतों एवं लंबित जांचों की समीक्षा करने तथा जांच के लिए निश्चित समय-सीमा तय करने की मांग की है।

सुराज सेवा दल ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि आम जनता और प्रदेश के युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास बना रहे। संगठन ने मुख्यमंत्री से सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने तथा पूरे मामले की व्यापक, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

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