
हरिद्वार। पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड, देहरादून के निर्देशानुसार कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र (एटीसी), हरिद्वार में छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तृतीय चरण का शुभारंभ सोमवार को किया गया। यह प्रशिक्षण 20 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के सभी जनपदों एवं पुलिस इकाइयों से आए 208 प्रशिक्षु भाग ले रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक प्रकाश देवली ने किया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को कुंभ मेले के इतिहास एवं परंपराओं, कुंभ की संकल्पना तथा विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के सफल संचालन में पुलिस की सतर्कता, अनुशासन और संवेदनशीलता सबसे अहम होती है।
प्रशिक्षण के दौरान सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक प्रमोद घिल्डियाल ने भीड़ प्रबंधन पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने भीड़ के विभिन्न प्रकार, कुंभ मेले में आने वाली विशाल भीड़ की प्रकृति, भीड़ नियंत्रण के सिद्धांत, प्रभावी योजनाएं तथा पूर्व के कुंभ मेलों से जुड़े केस स्टडी के माध्यम से प्रशिक्षुओं को व्यवहारिक जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण को व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षुओं को हर की पैड़ी क्षेत्र, चंडी चौक, आसपास के पार्किंग स्थलों तथा यात्रा मार्गों का स्थलीय भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान उन्हें यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग प्रबंधन, आपातकालीन निकासी मार्ग एवं संवेदनशील स्थलों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जनपदों एवं इकाइयों से आए प्रशिक्षुओं में देहरादून से 14, हरिद्वार से 16, पौड़ी गढ़वाल से 12, टिहरी गढ़वाल से 10, उत्तरकाशी से 9, रुद्रप्रयाग से 9, चमोली से 9, ऊधमसिंह नगर से 17, नैनीताल से 19, अल्मोड़ा से 11, बागेश्वर से 8, चम्पावत से 9, पिथौरागढ़ से 10, 31वीं पीएसी से 11, 40वीं पीएसी से 12, 46वीं पीएसी से 12, प्रथम आईआरबी से 10 तथा द्वितीय आईआरबी से 10 प्रशिक्षु शामिल हैं।
पुलिस विभाग का उद्देश्य इस प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों एवं जवानों को कुंभ मेला-2027 के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन, आपदा प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यवहारिक एवं तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है। आगामी दिनों में भी प्रशिक्षण के अंतर्गत विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक पुलिसिंग, आपदा प्रबंधन एवं मेला संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।










