
हरिद्वार / मंगलौर। मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बूढ़पुर जट्ट में 11 जुलाई को हुए चर्चित गोलीकांड का हरिद्वार पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस की वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष विवेचना में सामने आया कि जिन तीन लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया था, वे निर्दोष थे। मृतक के साथ मौजूद उसके तीन साथियों ने ही घटना के बाद पुरानी रंजिश के चलते अन्य लोगों को झूठे हत्या के मुकदमे में फंसाने की साजिश रची थी।
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा भी बरामद कर लिया है। मामले में विवेचना के दौरान तथ्यों के आधार पर मुकदमे में वैधानिक संशोधन करते हुए गैर-इरादतन हत्या से संबंधित धाराएं शामिल की गई हैं।
पुलिस के अनुसार, 11 जुलाई को सूचना मिली थी कि ग्राम बूढ़पुर जट्ट स्थित एक खेत में एक युवक को गोली लगी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सौरभ पुत्र राजेन्द्र निवासी बूढ़पुर जट्ट को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद राजेन्द्र कुमार पुत्र पुन्ना निवासी मोहम्मदपुर जट्ट की तहरीर पर रोबिन, अनुज और प्रदुमन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। चूंकि मामला उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्र का था, इसलिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी मंगलौर के निर्देशन तथा प्रभारी निरीक्षक भगवान महर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए तथा 112 पर सूचना देने वाले व्यक्ति सहित सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की। इस दौरान घटनास्थल से मिले साक्ष्य, स्वतंत्र गवाहों के बयान और स्थानीय इनपुट प्रारंभिक तहरीर से मेल नहीं खा रहे थे, जिससे पुलिस को मामला संदिग्ध लगा।
गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक सौरभ और उसके साथी ग्राम शकरपुर (जनपद मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश) के कुछ लोगों से पुरानी रंजिश रखते थे। घटना वाले दिन सौरभ अपने साथियों के साथ मोहम्मदपुर जट्ट से एक अवैध तमंचा लेकर बूढ़पुर जट्ट पहुंचा था। खेत में तमंचे को खोलकर जांचने के दौरान अचानक गोली चल गई, जो सीधे सौरभ को लगी और उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद सौरभ के साथ मौजूद उसके साथियों ने पुरानी रंजिश का फायदा उठाते हुए अनुज, रोबिन और प्रदुमन को हत्या के झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए पुलिस को भ्रामक सूचना दी कि उन्हीं लोगों ने गोली मारकर सौरभ की हत्या की है। हालांकि वैज्ञानिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरी सच्चाई उजागर कर दी।
पुलिस ने इस मामले में सुमित पुत्र सुखबीर निवासी शकरपुर, थाना पुरकाजी, जनपद मुजफ्फरनगर (उ.प्र.), डिम्पल पुत्र नाहर निवासी मोहम्मदपुर जट्ट, थाना मंगलौर, जनपद हरिद्वार तथा आशीष पुत्र बिन्दर निवासी मोहम्मदपुर जट्ट, थाना मंगलौर, जनपद हरिद्वार को हिरासत में लिया है। आरोपियों में से एक के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा भी बरामद किया गया है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार आरोपी सुमित के खिलाफ मु.अ.सं. 137/2021 में धारा 25(3) आयुध अधिनियम के तहत थाना पुरकाजी (उ.प्र.) में मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा मु.अ.सं. 251/2023 में धारा 452, 504, 427 व 436 भादवि के तहत भी थाना पुरकाजी में मामला दर्ज है। वहीं आरोपी डिम्पल के खिलाफ मु.अ.सं. 325/2022 में धारा 401 भादवि के तहत थाना सिडकुल, जनपद हरिद्वार में मुकदमा दर्ज है। पुलिस के अनुसार आशीष के विरुद्ध कोई आपराधिक इतिहास प्रकाश में नहीं आया है।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक भगवान महर, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुखपाल सिंह मान, उपनिरीक्षक आनंद मेहरा, उपनिरीक्षक मंसूर अली, कांस्टेबल पंकज, कांस्टेबल सुधीर तथा कांस्टेबल रणवीर शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।
