
हरिद्वार। शब्द गंगा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच हरिद्वार के तत्वावधान में गत दिवस प्रेसक्लब हरिद्वार में एक वृहद काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय लोगों के अलावा देहरादून, रुड़की एवं सहारनपुर के कवि एवं साहित्यकारों ने भी भाग लिया।
काव्य गोष्ठी का संयोजन एवं संचालन हरिद्वार के वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार बृजेन्द्र “हर्ष” ने किया। गोष्ठी में स्थानीय सहित सभी मेहमान कवियों ने सरस काव्यपाठ किया। काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता देहरादून से पधारे उत्तराखण्ड के प्रख्यात एवं वरिष्ठ साहित्यकार असीम शुक्ल ने की मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के नामचीन शाइर अम्बर खरबंदा उपस्थित रहे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सहारनपुर से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि डॉ.विजेन्द्रपाल शर्मा तथा देहरादून से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार, कवि शिव मोहनसिंह उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के संयोजक बृजेन्द्र “हर्ष”
ने बताया या कि इस आयोजन को साहित्यिक होने के कारण वृहद् काव्य गोष्ठी नाम दिया गया। गोष्ठी में सभी आमंत्रित कवियों ने सरस काव्यपाठ किया।अन्त में समाज में विशिष्ठ सेवा के लिए एक चिकित्सक डा.मनीष कुमार, एक वरिष्ठ पत्रकार रविन्द्र नाथ कौशिक व एक वरिष्ठ समाज सेवी जगदीश लाल पाहवा को अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन के बाद सभी महमान कवि एवं साहित्यकारों को भी शाल एवं सम्मान पत्र तथा रूद्राक्ष की माला भेंट कर सम्मानित किया गया।
काव्यायोजन में देहरादून की वरिष्ठ साहित्यकार प्रो.डॉ.क्षमा कौशिक, श्रीमती मनोरमा नौटियाल, मशहूर शायर जनाब शादाब मशहदी, दर्द गढ़वाली रुड़की से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार कृष्णन सुकुमार, महावीर सिंह ‘वीर’ एवं वरिष्ठ शाइर ओमप्रकाश नूर आदि ने भाग लेकर आयोजन की शोभा बढ़ाई। हरिद्वार के कवि एवं साहित्यकारों में संस्कृत विश्वविद्यालय के बीच एंड विभाग के डॉ.अरविन्द नारायण मिश्र, साधू राम पल्लव, गुरुकुल महाविद्यालय के शिक्षक डा.सुशील त्यागी’अमित’, सुभाष मलिक, अरविन्द दुबे, देवेन्द्र मिश्र, दीनदयाल दीक्षित, अरुण पाठक, डॉ.प्रेरणा पाण्डेय, डा.मीरा भारद्वाज पूर्व सहायक शिक्षा निदेशक पुष्पा रानी वर्मा, डॉ.विजय कुमार त्यागी कु.अपराजिता ‘उन्मुक्त’, भेल के एजीएम सुरेन्द्र कुमार, शब्द गंगा के अध्यक्ष भेल से सेवानिवृत एजीएम कुंवर पाल सिंह तथा महामंत्री डॉ.मेनका त्रिपाठी सहित सभी ने काव्यपाठ किया। हरिद्वार निवासी वरिष्ठ हिन्दी सेवक एवं साहित्यकार डॉ.अशोक गिरि सहसंयोजक की भूमिका में रहे। अति गौरवपूर्ण माहौल में काव्य गोष्ठी सम्पन्न हुई।
