हजारों कार्यकर्ताओं का जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन
सुराज सेवा दल के बैनर तले आज प्रदेश के विभिन्न ज़िलों से आए हजारों कार्यकर्ताओं ने जंतर मंतर, नई दिल्ली में एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों की भागीदारी रही। कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर सरकार से जनता की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग की और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और भी व्यापक रूप लेगा।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने प्रमुख रूप से यह मांगें रखीं:

गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित किया जाए।
आपदा प्रभावित परिवारों को त्वरित और उचित राहत उपलब्ध कराई जाए।
प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोज़गार जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार किया जाए।
इस मौके पर सुराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष श्री रमेश चन्द्र जोशी ने कहा कि “गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाया जाना समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है। पहाड़ और मैदान दोनों क्षेत्रों का संतुलित विकास तभी संभव है जब राजधानी गैरसैंण में स्थापित हो।
साथ ही, कुछ दिन पूर्व हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में हुई धांधली ने पूरे प्रदेश की देशभर में फजीहत कराई है। यह लोकतंत्र का खुला मज़ाक है और जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। सुराज सेवा दल साफ कहना चाहता है कि जनता का अपमान करने वाले किसी भी तंत्र को अब बख्शा नहीं जाएगा।”
जोशी ने आगे कहा कि “सुराज सेवा दल लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीक़े से संघर्ष करता रहेगा। हमारी लड़ाई जनता की न्याय, अधिकार और विकास के लिए है। जब तक जनता की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।”

इस धरना-प्रदर्शन में 1000+ से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पूरे प्रदर्शन के दौरान अनुशासन और संगठन की एकजुटता साफ दिखाई दी। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली की जनता और प्रशासन को भरोसा दिलाया कि उनका आंदोलन जनहित में है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था पैदा करने का उद्देश्य नहीं है।
सुराज सेवा दल के पदाधिकारियों ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा। संगठन ने जनता से अपील की कि वे आगे बढ़कर न्याय और अधिकार की इस लड़ाई में शामिल हों।
