
हरिद्वार। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आधार स्तम्भ रहे पूर्व जिला संचालक गंगाशरण मददगार का शुक्रवार की शाम निधन हो गया। मददगार के साथ ही संघ में एक युग का भी अंत हो गया, वह 92 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वथ्य चल रहे थे। जिनका अंतिम संस्कार शनिवार को कनखल श्मशान घाट पर हुआ। उनकी पुत्री दिव्या कंसल ने उन्हें मुखाग्नि दी।
दिवगंत गंगाशरण मददगार आजीवन संघ के स्वयंसेवक रहे। बालकाल से ही मददगार संघ के संर्पक में आ गये थे। संघ के द्वितीय संघ प्रमुख गुरु गोवलकर व तृतीय संघ प्रमुख रज्जुभैया का मददगार से विशेष स्नेह था। मददगार हरिद्वार के उन प्रमुख स्वयंसेवको में से थे, जिन्होंने 1949 में नागपुर में लगे प्रथम संघ शिक्षा वर्ग में प्रतिभाग किया था। राम मन्दिर आंदोलन के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी व विहिप नेता अशोक सिंघल ने मददगार को केंद्रीय कार्यालय की जिम्मेदारी दी थी। विश्व हिंदू परिषद में जिले से लेकर केंद्र तक विभिन्न दायित्वों का निर्वहन गंगाशरण ने किया। आरएसएस ने नगर संचालक व जिला संचालक रहे गंगाशरण मददगार सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में हमेशा युवा कार्यकर्ताओ के लिए प्रेरणादायी रहे। उत्तराखंड गठन के उपरन्त मददगार प्रथम मुख्यमंत्री नित्यानन्द स्वामी के मुख्य सलाहकार भी रहे।
दिवंगत गंगाशरण मददगार के निधन से संघ परिवार में शोक की लहर है। मददगार जी को श्रद्वाजंलि देने के लिए कल रविवार को दोपहर 2 बजे से प्रेमनगर आश्रम में एक श्रद्धाजंलिसभा आयोजित की गई है।
निज निवास व कनखल शमशान घाट पहुँचकर श्रद्धाजंलि देने वालो में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम, प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र, विभाग प्रचारक राकेश, जिला संचालक डॉ. यतीन्द्र नाग्यान, जिला प्रचारक जगदीप, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, विमल कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिला महामंत्री संजीव चौधरी व हीरा सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष लव कुमार, आशु चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, अनुज, कुँवर रोहिताश्व, सीए अनिल वर्मा, रमेश उपाध्याय, प्रो.प्रेम चन्द्र शास्त्री, प्रो.दिनेश चंद्र शास्त्री, अनिल गुप्ता, दीपक भारती, शुभम, प्रवीण शर्मा, अमित शर्मा, अनिल भारती, बलदेव रावत, अभिषेक, भूपेंद्र, उमेश के अतिरिक्त उघोगपति जेसी जैन, श्रीराम लीला कमेटी के वीरेंद्र चड्ढा, रविकांत अग्रवाल, भगवत मुन्ना, साहिल मोदी, डॉ. संदीप कपूर आदि मुख्य थे।
