शिवडेल स्कूल में व्यक्तित्व विकास, स्वास्थ्य-कल्याण तथा नैतिक एवं चारित्रिक मूल्यों के संवर्धन पर समृद्ध सत्रों का सफल आयोजन…

हरिद्वार / कनखल। शिवडेल स्कूल कनखल में छात्रों के व्यक्तित्व विकास, स्वास्थ्य-कल्याण तथा नैतिक एवं चारित्रिक मूल्यों के संवर्धन पर आधारित एक श्रृंखलाबद्ध एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इन सत्रों का संचालन डॉ. हरेराम पांडे, सहायक प्रोफ़ेसर, योग विज्ञान विभाग, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक (म.प्र.) तथा सुश्री आयुषी शुक्ला, योग एवं वेलनेस विशेषज्ञ द्वारा किया गया।
सत्रों के दौरान छात्रों को योग के बहुआयामी महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बताया गया कि योग न केवल शरीर और मन को संतुलित करता है, बल्कि व्यक्तित्व विकास में भी अत्यंत प्रभावी है। यह आत्मविश्वास बढ़ाता है, मानसिक स्पष्टता प्रदान करता है और जीवन में सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही छात्रों को स्वास्थ्य-कल्याण के तीन प्रमुख स्तंभों – शुद्ध वायु, शुद्ध जल के साथ उचित हाइड्रेशन, और पौष्टिक भोजन की अनिवार्यता पर भी जागरूक किया गया, जो स्वस्थ जीवन का आधार हैं। छात्रों को यह भी समझाया गया कि नैतिक एवं चारित्रिक मूल्य किसी भी व्यक्ति की सफलता और सम्मान का मूल आधार हैं। ईमानदारी, अनुशासन, करुणा, कृतज्ञता और ज़िम्मेदारी जैसे गुण पूर्ण व्यक्तित्व के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी शरद पुरी महाराज, चेयरमैन, शिवडेल स्कूल के प्रेरक आशीर्वचन के साथ हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सच्ची शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि श्रेष्ठ चरित्र निर्माण, नैतिकता और आध्यात्मिक संतुलन का विकास भी है। स्वामी शरद पुरी ने योग को आत्मिक शक्ति, मानसिक स्थिरता और नैतिक दृढ़ता प्राप्त करने का सर्वोत्तम माध्यम बताया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद बंसल ने दोनों प्रख्यात विशेषज्ञों का हार्दिक धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी विद्वता और अनुभव ने छात्रों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत मूल्यवान योगदान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में अत्यंत सहायक होते हैं। कार्यक्रम समन्वयक विपिन मलिक तथा विद्यालय के समर्पित शिक्षकों ने आयोजन को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सहयोग से सभी छात्रों ने उत्साहपूर्वक सत्रों में भाग लिया और अपने जीवन में इन मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।

