
हरिद्वार। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) हरिद्वार के प्रतिनिधिमंडल ने जनपद में संचालित अवैध एवं मानकों की अनदेखी कर रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी को 07 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। परिषद ने कहा कि बिना आवश्यक पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के चल रहे कोचिंग संस्थान विद्यार्थियों की सुरक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता और भविष्य के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।
ज्ञापन में एबीवीपी ने मांग की कि जनपद के सभी कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे और सत्यापन अभियान चलाया जाए। बिना पंजीकरण एवं निर्धारित मानकों का पालन किए संचालित संस्थानों को तत्काल सील किया जाए। साथ ही प्रत्येक कोचिंग संस्थान में फायर एनओसी, भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक अनुमतियों का सत्यापन अनिवार्य किया जाए।
परिषद ने यह भी मांग की कि सभी कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास सहित सभी सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराया जाए। विद्यार्थियों से मनमानी फीस वसूली, भ्रामक प्रचार और नियमों के उल्लंघन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण कर नियमों का पालन सुनिश्चित करने तथा निर्धारित सीट क्षमता एवं भवन की वहन क्षमता से अधिक विद्यार्थियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई।
एबीवीपी के जिला संयोजक सूर्य प्रताप राणा ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनके भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद में संचालित प्रत्येक कोचिंग संस्थान को निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। जो संस्थान अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं या नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, उनके खिलाफ प्रशासन को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र हित, सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
इस दौरान जिला संगठन मंत्री अमन सिंह तोमर, आशीष त्रिपाठी, प्रिंस शुक्ला एवं अनंत पाठक सहित परिषद के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
