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रेखा आर्य से जुड़ी ₹210 करोड़ की कथित अवैध संपत्ति की निष्पक्ष जांच की मांग…

उत्तराखण्ड / देहरादून।  उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े उनके पति गिरधारी लाल साहू द्वारा लगाए गए 210 करोड़ रुपए की संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित करने के कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में अधिवक्ता एवं कानूनराज के संस्थापक पंकज सिंह क्षेत्री ने सतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखंड में लिखित शिकायत प्रस्तुत कर निष्पक्ष जांच एवं नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा शुक्रवार को जारी एक वीडियो में रेखा आर्य के पास लगभग 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति होने का आरोप लगाया गया है। इस सार्वजनिक रूप से सामने आए आरोप की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने संबंधित जांच एजेंसी से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है।
अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने कहा कि जब किसी सार्वजनिक पद पर आसीन व्यक्ति से संबंधित इतनी बड़ी राशि की कथित संपत्ति का मामला सार्वजनिक होता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होना जनहित में आवश्यक है। हालांकि, केवल किसी वीडियो में आरोप लगाए जाने से आरोपों की सत्यता सिद्ध नहीं होती। इसलिए संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जानी चाहिए।
शिकायत में मांग की गई है कि संबंधित व्यक्तियों की चल-अचल संपत्तियों, आय के ज्ञात एवं वैध स्रोतों, निवेश, बैंक खातों, एफडी, शेयरों, कंपनियों तथा अन्य वित्तीय हितों से संबंधित अभिलेखों का नियमानुसार परीक्षण किया जाए। साथ ही, यह भी जांच की जाए कि संबंधित संपत्तियां वैध आय के स्रोतों से अर्जित की गई हैं अथवा नहीं और उनके संबंध में आवश्यक वैधानिक घोषणाएं एवं विवरण प्रस्तुत किए गए हैं या नहीं।
शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(b) एवं 13(2) का उल्लेख करते हुए कहा है कि यदि जांच में संबंधित कानूनी प्रावधानों के आवश्यक तत्व और अपराध के पर्याप्त आधार सामने आते हैं, तो नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
पंकज सिंह क्षेत्री ने यह भी मांग की है कि जांच ऐसे सक्षम अधिकारी से कराई जाए, जिस पर किसी प्रकार के अनुचित दबाव या पक्षपात की आशंका न हो। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाए तथा निष्कर्ष उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानून के आधार पर निकाले जाएं।
उन्होंने कहा, “यह मामला किसी व्यक्ति की राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का है। यदि आरोप निराधार हैं, तो निष्पक्ष जांच से स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए; और यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।”
अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने सतर्कता अधिष्ठान से शिकायत पर विधिवत संज्ञान लेकर प्रारंभिक जांच करने, उपलब्ध वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। उनके साथ अल्का शर्मा एडवोकेट, अजय धीमान एडवोकेट मौजूद थे।

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