
हरिद्वार। गुरुवार को एसएमजेएन पीजी कॉलेज में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC), नोडल सेंटर वर्चुअल लैब, एसएमजेएन पीजी कॉलेज तथा वर्चुअल लैब्स, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी, रुड़की के संयुक्त तत्वावधान में वर्चुअल लैब्स विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को वर्चुअल लैब्स की उपयोगिता, कार्यप्रणाली तथा आधुनिक तकनीकी शिक्षा में इसकी भूमिका से परिचित कराना है
कार्यशाला में आईआईटी रुड़की की ओर से प्रोजेक्ट एसोसिएट चेतन धीमान एवं प्रोजेक्ट एसोसिएट अमित शर्मा, विशिष्ट अतिथि एवं रिसोर्स पर्सन के रूप में उपस्थित रहे। दोनों विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब्स की अवधारणा, उपलब्ध प्रयोगों, डिजिटल संसाधनों तथा विभिन्न प्रयोगों को ऑनलाइन संचालित करने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
तकनीकी सत्र में चेतन धीमान ने वर्चुअल लैब्स के माध्यम से प्रयोगात्मक एवं अनुभवात्मक अधिगम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा में विद्यार्थियों को विषय की सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ उसे प्रयोग के माध्यम से समझने का अवसर मिलना आवश्यक है। वर्चुअल लैब्स इस दिशा में प्रभावी माध्यम हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थी प्रयोग की विभिन्न अवस्थाओं को समझते हुए प्राप्त परिणामों का अध्ययन कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब्स का नियमित उपयोग करने तथा अपने विषय से संबंधित उपलब्ध प्रयोगों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अमित शर्मा ने वर्चुअल लैब्स की तकनीकी सुविधाओं एवं विभिन्न प्रयोगों की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब्स पोर्टल पर उपलब्ध प्रयोगों एवं मॉड्यूल्स के उपयोग की प्रक्रिया से परिचित कराया तथा प्रयोगों को चरणबद्ध तरीके से संचालित करने की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान करते हुए वर्चुअल लैब्स की विभिन्न तकनीकी सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने प्रेषित संदेश में कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक का समुचित उपयोग वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षण के साथ-साथ डिजिटल एवं तकनीक आधारित शिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में वर्चुअल लैब्स नोडल सेंटर की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगात्मक संसाधनों तक पहुंच प्राप्त हो रही है। उन्होंने आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान के विशेषज्ञों के साथ इस प्रकार के शैक्षणिक संवाद विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण संजय माहेश्वरी ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों में नई तकनीकों को सीखने के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में भी सहायक होती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कार्यशाला में प्राप्त जानकारी को अपने नियमित अध्ययन में उपयोग करने तथा उपलब्ध डिजिटल संसाधनों के प्रति सक्रिय एवं जिज्ञासु दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों एवं आयोजक मंडल का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी कौशल विकास से संबंधित ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
महाविद्यालय के वर्चुअल लैब्स नोडल सेंटर के समन्वयक विजय शर्मा ने कहा कि नोडल सेंटर का प्रमुख उद्देश्य महाविद्यालय के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब्स से जोड़ना तथा उन्हें उपलब्ध डिजिटल प्रयोगात्मक संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि नोडल सेंटर के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब्स की जानकारी, प्रशिक्षण एवं प्रयोगात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों द्वारा दिए गए तकनीकी मार्गदर्शन को विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से महाविद्यालय में डिजिटल एवं प्रयोगात्मक शिक्षण को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।
कार्यशाला के आयोजन में संयोजक मंडल के रूप में पूर्णिमा सुन्दरियाल, विनीत सक्सेना एवं अंजलि शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यशाला में विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से वर्चुअल लैब्स के उपयोग, प्रयोगों की प्रक्रिया तथा उपलब्ध डिजिटल संसाधनों से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।
कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों ने महाविद्यालय प्रशासन एवं आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ उन्हें देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों से सीधे सीखने का अवसर प्रदान करती हैं। विद्यार्थियों ने कार्यशाला को ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें वर्चुअल लैब्स के व्यावहारिक एवं तकनीकी उपयोग को समझने में सहायता मिली। प्रतिभागियों ने भविष्य में भी इस प्रकार की तकनीकी एवं कौशल-आधारित कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता व्यक्त की।
इस अवसर पर विनय थपलियाल, शिवकुमार चौहान, डॉ. मनोज कुमार सोही, वैभव बत्रा, पदमावती तनेजा, पुनीता शर्मा, ज्योति चौधरी, कार्यालय अधीक्षक मोहन चन्द्र पाण्डेय, संदीप सकलानी, निशांत चौहान सहित छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों ने सीखी आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकें













