
हरिद्वार / श्यामपुर। साइबर अपराध एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ हरिद्वार पुलिस का अभियान लगातार जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण में कोतवाली श्यामपुर पुलिस और सीआईयू हरिद्वार की संयुक्त टीम ने ‘मगध साइबर गैंग’ के ऋषिकेश नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए गैंग के लिए फर्जी बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) उपलब्ध कराने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सागर पाण्डेय पुत्र राधेराम पाण्डेय, मूल निवासी ग्राम सिकन्दरपुर, थाना सिकन्दरपुर, जिला बलिया (उत्तर प्रदेश) तथा हाल निवासी मायाकुंड, ऋषिकेश के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार कोतवाली श्यामपुर में दर्ज मु.अ.सं. 100/2026 में वांछित आरोपी सागर पाण्डेय की गिरफ्तारी के लिए चौकी प्रभारी चंडी घाट उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी। सीआईयू हरिद्वार की टीम ने आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर उसकी लोकेशन चंद्रेश्वर रोड, मायाकुंड ऋषिकेश में ट्रेस की। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और काले रंग की स्कूटी से जा रहे सागर पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ‘मगध साइबर गैंग’ के पूर्व में गिरफ्तार मुख्य सरगना कृष्णा पाण्डेय के सीधे संपर्क में था। मूल रूप से बलिया का रहने वाला सागर पाण्डेय ऋषिकेश में रहकर स्थानीय लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता था। इसके बाद इन खातों को साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए गैंग को उपलब्ध कराया जाता था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने विशाल और श्याम नामक व्यक्तियों के कुल 18 बैंक खाते गैंग को उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। इसके बदले आरोपी को भारी कमीशन मिलता था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी को जब अपने पांच साथियों के गिरफ्तार होकर जेल जाने की जानकारी मिली तो उसने पकड़े जाने के डर से अपने मोबाइल फोन से सभी व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और साथियों के मोबाइल नंबर डिलीट कर दिए थे। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच में आरोपी के मोबाइल की गैलरी से विशाल के नाम दर्ज एक बैंक खाते की फोटो बरामद हुई, जिसे महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन तथा बैंक खातों और चैट से संबंधित रिकवर्ड डिजिटल दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
यह कार्रवाई मु.अ.सं. 100/2026, कोतवाली श्यामपुर, जनपद हरिद्वार के तहत की गई है।
पुलिस टीम में थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, चौकी प्रभारी चंडी घाट उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह तोमर, कांस्टेबल विनित कुमार, कांस्टेबल राहुल देव तथा सीआईयू हरिद्वार के कांस्टेबल वसीम शामिल रहे।









