
हरिद्वार। पुराने अनुभवों का आधार नये उपक्रम का स्वरूप तथा प्रगति का मार्ग तय करता है। कार्य करने वाले के लिए कल कभी नही आता। आज से आरम्भ करने वाला ही कार्य मे सफलता प्राप्त करता है”, यह उदगार गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय, हरिद्वार की कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने नवीन सत्रारम्भ को संकल्प दिवस के अवसर पर आयोजित यज्ञ के अवसर पर व्यक्त किये। उन्होने कहा कि शैक्षिक प्रगति किसी भी संस्थान की प्रगति का मूल कारण है। शिक्षा प्राप्त करने वाले युवा छात्र-छात्राओं के नव-निर्माण के लिए शैक्षिक वातावरण, संसाधन तथा अध्यापक गुणवत्ता प्रमुख घटक है। कार्यक्रम का संचालन करते हुये कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति मे शिक्षा, मूल्यांकन तथा वित्त प्रमुख आवश्यकताओं मे सम्मिलित है। जिनमे संतुलन बना रहना जरूरी है। वित्ताधिकारी प्रो. वी.के. सिंह ने समस्याओं निस्तारण मे सम्भव नियोजन तथा वित की स्थिति को प्रस्तुत किया। मुख्य परीक्षा नियंत्रक प्रो. एल.पी. पुरोहित ने विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करने मे शिक्षकों के सहयोग की सराहना की तथा एनईपी के नये क्रेडिट सिस्टम के बारे जानकारी प्रदान की। आईक्यूएसी के डायरेक्टर प्रो. पंकज मदान ने नॉक सम्बधी तैयारियों पर जानकारी साझा की। कार्यक्रम मे प्रो. ब्रह्मदेव, प्रो. प्रभात कुमार, प्रो. डी.एस. मलिक, प्रो. दिनेश चन्द शास्त्री, प्रो. नवनीत, प्रो. कर्मजीत भाटिया, उपकुलसचिव डॉ. श्वेतांक आर्य, प्रो. राकेश जैन, प्रो. अरुण कुमार, प्रो. राजकुमार भाटिया, प्रो. मुकेश कुमार, प्रो. देवेन्द्र गुप्ता, प्रो. पवन कुमार, प्रो. नमिता जोशी, प्रो. मंजूषा कौशिक, डॉ. अजय मलिक, डॉ. ऋषि शुक्ला, डॉ. दीनदयाल, डॉ. प्रशांत तेवतिया, डॉ. वेदव्रत, डॉ. भारत वेदालंकार, डॉ. विपुल भट्ट, डॉ. विपिन कुमार, डॉ. अजित तोमर, डॉ. शिवकुमार चौहान, डॉ. एम.एम. तिवारी, डॉ. उधम सिंह, डॉ. बबलू वेदालंकार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. नितिन भारद्वाज, डॉ. कपिल मिश्रा, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. हिमांशु पंडित, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. हिमाशु गुप्ता, प्रो. सतेन्द्र राजपूत, डॉ. अश्वनी जांगडा, डॉ. मदन लाल जाट, विकास कुमार, नीरज बिडला, अंकित कृष्णात्री, डॉ. भगवान दास, नारायण, मनीष अग्रवाल, डॉ. कपिल गोयल, कुलभूषण शर्मा, डॉ. दलीप कुशवाहा, राजकुमार, रमेश चन्द, हेमन्त सिंह नेगी, डॉ. जगराम मीणा आदि उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. प्रभात कुमार द्वारा किया गया।
