जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान जनता और शासन के बीच बना सेतु -सुनील सैनी।

हरिद्वार। राज्य मंत्री सुनील सैनी ने कहा कि जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान जनता और शासन के बीच की दूरी कम करने की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रभावी पहल है। इस अभियान के माध्यम से प्रशासन स्वयं जनता के द्वार जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। यह अभियान सेवा ही परमो धर्म की भावना को साकार कर रहा है।
सुनील सैनी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि पंक्ति के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसी उद्देश्य के साथ यह अभियान चलाया जा रहा है, जिससे जनता और शासन के बीच विश्वास और संवाद मजबूत हुआ है।
उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 297 शिविर लगाए जा चुके हैं, जिनमें लगभग 2 लाख 10 हजार लोगों ने प्रतिभाग किया है। इस दौरान कुल 24,247 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से लगभग 17 हजार शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जा चुका है। दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों ने भी अपनी समस्याएं शिविरों के माध्यम से प्रशासन के समक्ष रखीं, जिनका प्रशासनिक अधिकारियों, भाजपा कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में त्वरित समाधान किया गया।
राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं कई स्थानों पर पहुंचकर अभियान का निरीक्षण कर चुके हैं और लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान कराया है। यह अभियान 45 दिनों तक राज्य के सभी 13 जनपदों में न्याय पंचायत एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बहुउद्देशीय शिविरों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जो 31 जनवरी तक चलेगा।
सुनील सैनी ने कहा कि यह अभियान निश्चित रूप से जनता की सेवा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के सफल संचालन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड की जनता के लिए पूर्णतया समर्पित हैं और निरंतर राज्य के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। निश्चित रूप से उत्तराखंड पर्वतीय राज्यों में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

