
हरिद्वार। स्वर्गीय रतन मणि के निधन के पश्चात उनका नेत्रदान, मुस्कान फाउंडेशनकी सक्रियता एवं संस्थापक अध्यक्ष नेहा मालिक के प्रयासों से सम्पन्न कराया गया। यह नेत्रदान दो दृष्टिहीन लोगों के लिए नई रोशनी, नई उम्मीद और नया जीवन लेकर आएगा।
जैसे ही पुत्र सुनील ने यह जानकारी मुस्कान फाउंडेशन को दी, नेहा मालिक ने तत्परता से जौलीग्रांट हॉस्पिटल से संपर्क साधा। तत्पश्चात, डॉ. विनय और डॉ. अनमोल के नेतृत्व में नेहा मालिक की देखरेख में नेत्रदान की पूरी प्रक्रिया गरिमामय ढंग से पूरी की गई।
मुस्कान फाउंडेशन जीवन को रोशन करने वाली एक संवेदनशील पहल।
मुस्कान फाउंडेशन केवल नेत्रदान नहीं, बल्कि “जीते जी रक्तदान, जाते-जाते नेत्रदान और फिर देहदान” की संवेदनशील और समर्पित सोच को जीवन में उतारने वाली संस्था है। मुस्कान फाउंडेशन समाज में मानवता, सेवा और दान की संस्कृति को हर स्तर पर सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है।
स्वर्गीय मोहन लाल नवानी की प्रेरणादायक जीवन यात्रा
नेत्रदान जिनका किया गया, वे थे स्वर्गीय मोहन लाल नवानी, पुत्र स्वर्गीय रतन मणि नवानी।
भेल से वर्ष 1997 में सेवानिवृत्त हुए मोहन लाल नवानी 92 वर्ष की आयु में भी बेहद कर्मठ, आत्मनिर्भर और उदार व्यक्तित्व के धनी थे। आज भी लोग उन्हें याद करते हैं कि वे अपनी मारुति 800 कार स्वयं चलाकर अपने कार्यों के लिए निकलते थे।
“मृत्यु का अंत नहीं… सेवा की एक नई शुरुआत है।
जो देख न सके जीवनभर, अब देखेंगे सपना – किसी और की रोशनी से।”
