
हरिद्वार। शुक्रवार को हरिद्वार की डाम कोठी पर गंगाघाट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सभी तेरह अखाड़ों के सचिवों के बीच कुंभ 2027 को लेकर महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, बैठक से पिछले कई दिनों से कुछ संतो द्वारा कुंभ के स्वरूप को लेकर दिए जा रहे विवादित बयानों पर अंकुश लग जाएगा। क्योंकि यह देखना दिलचस्प होगा कि बैठक में मेला प्रशासन द्वारा केवल 13 अखाड़ों के मुख्य संतों को बुलाया जाएंगे या उन तथाकथित संतों को भी बुलाया जाएगा जो अखाड़ा परिषद के अस्तित्व ओर कुंभ मेले के स्वरूप पर सवालिया निशान लगा रहे थे।
आपको बताते चले कि पिछले कुछ दिनों से हरिद्वार के कुछ संतो जिनमें कुछ महामंडलेश्वर भी शामिल थे, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अस्तित्व ओर सरकार द्वारा अर्द्धकुंभ को कुंभ की भाती दिव्य ओर भव्य मनाए जाने की मनसा पर सवाल उठा रहे थे कि जब प्रदेश सरकार कुंभ के लिए अखाड़ों को न्योता नहीं दे रही है तो अर्द्धकुंभ को कुंभ किस तरह मनाया जा सकता है, अब जब खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सभी 13 अखाड़ों से कुंभ को लेकर वार्ता करने हरिद्वार आ रहे हैं तो इस सभी संतो के सवालों पर विराम लगना तय है।
