
हरिद्वार। देवभूमि उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश एवं अन्य क्षेत्रों की समस्त ब्राह्मण सभा, महासभा, समिति, परिषद तथा विभिन्न ब्राह्मण संगठनों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक एसएमजेएन डिग्री कॉलेज में आयोजित की गई। इस सभा का उद्देश्य ब्राह्मण समाज संयुक्त मंच का गठन करना तथा समाज की एकता, सम्मान, संगठन और देश-प्रदेश में समय-समय पर ब्राह्मण समाज के विरुद्ध होने वाले दुर्भावनापूर्ण एवं द्वेषपूर्ण कृत्यों के संबंध में सामूहिक रणनीति तैयार करना रहा।
ब्राह्मण समाज संयुक्त मंच में मुख्य संयोजक पद पर श्रीमहंत डॉ.रविन्द्र पुरी महाराज होंगे तथा प्रदेश के प्रत्येक ब्राह्मण संगठन से चार-चार संयोजक सदस्य सम्मिलित किए जायेगे। जिला, नगर आदि के अनुसार संगठनों से क्षेत्रीय प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। इसके साथ उत्तराखंड प्रदेश की सीमा से लगने वाले अन्य प्रदेशों के ब्राह्मण संगठनों को भी संयुक्त मंच से जोड़ने के प्रयास होंगे।
सभा को संबोधित करते हुए श्रीमहंत डॉ.रविन्द्र पुरी ने कहा कि संत समाज प्रत्येक समाज उपयोगी कार्य में ब्राह्मण समाज के साथ खड़ा है। ब्राह्मण समाज के उद्देश्यों को प्रमुखता से पूर्ण करने के कार्य होंगे। आगामी कुंभ 2027 में निरंजनी अखाड़े के साथ ब्राह्मण समाज संयुक्त मंच के सदस्य भी शाही स्नान करेंगे तथा विशेष रूप से निरंजनी अखाड़े के शाही स्नान में चिरंजीवी भगवान श्री परशुराम जी की पालकी होगी तथा चिरंजीवी भगवान परशुराम जी के प्रतीक विग्रह को पवित्र मां गंगा के हर की पैडी पवित्र कुण्ड में शाही स्नान करवाया जाएगा।
श्रीमहंत डॉ. रविन्द्र पुरी महाराज ने ब्राह्मण समाज संयुक्त मंच में पांच संरक्षक के रूप में आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज, शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप गिरि महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति महाराज, योग एवं इनर पीस फाउंडेशन के स्वामी संतोषानंद गिरी महाराज, स्वामी कार्तिक गिरी महाराज को जोड़ा है।
आवश्यकता व सुविधानुसार संयुक्त मंच में संत समाज के अन्य संरक्षक भी सम्मलित किए जाएंगे। संयुक्त मंच का मुख्य कार्यालय श्री निरंजनी अखाड़ा हरिद्वार में रखने की सहमति भी श्रीमहंत डॉ.रविन्द्र पुरी महाराज ने प्रदान की है।
इस मौके पर अरूण कुमार शर्मा, पद्म प्रकाश शर्मा, पंडित अधीर कौशिक, शिव कुमार शर्मा, अजय वशिष्ठ, अजय उनियाल, रंजन मिश्रा, अनुराग गौड़, रमेश सेमवाल, संजय शर्मा, अश्वनी भारद्वाज, बालकृष्ण शास्त्री, बी.डी. शर्मा, राम प्रसाद उपाध्याय, प्रो. सुनील कुमार बतरा, शशि कांत शर्मा, सुधीर शाडिल्य, प्रवीण कुमार, पवन कुमार शर्मा, चेतन शर्मा, राज कुमार कौशिक, राजेश शर्मा, राजेश कुमार पंत, ऋषि शर्मा, देहरादून, हरिद्वार, रुड़की आदि क्षेत्रों के ब्राह्मण संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
